संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। मोबाइल फोन अब शौक नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। पढ़ाई से लेकर कारोबार और ऑनलाइन लेनदेन तक मोबाइल पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। ऐसे में कुछ महीनों में मोबाइल फोन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं का बजट बिगाड़ दिया है। खास बात यह है कि मोबाइल के दाम बढ़ने का असर धीरे-धीरे हुआ, जिससे कई उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी खरीदारी के समय ही हुई।
मोबाइल विक्रेताओं के अनुसार मार्च से पहले करीब 17 हजार रुपये में मिलने वाला मोबाइल अब लगभग 20 हजार रुपये में मिल रहा है। 12 हजार रुपये वाला फोन 15 हजार रुपये से अधिक और 11 हजार रुपये वाला मोबाइल 14 हजार रुपये से ऊपर पहुंच गया है। वहीं, करीब सात हजार रुपये में मिलने वाले मोबाइल की कीमत अब लगभग 10 हजार रुपये हो गई है। अलग-अलग मॉडल और कीमतों में करीब 20 से 30 फीसदी तक बढ़ोतरी बताई जा रही है।
इन कंपनियों के मोबाइल पर भी असर ः बाजार में ओप्पो, रेडमी, रियलमी, सैमसंग, इंटेक्स समेत विभिन्न कंपनियों के मोबाइल उपलब्ध हैं। दुकानदारों का कहना है कि करीब छह माह में कई मॉडल के दाम में बदलाव हुआ है। नए मॉडल आने के साथ पुराने मॉडल की कीमत भी कई बार बढ़ी है।
चार्जर से लेकर डिस्प्ले तक महंगे ःमोबाइल फोन की कीमत बढ़ने के साथ उसकी एसेसरीज भी उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ रही है। चार्जर, डाटा केबल, ईयरफोन, मोबाइल कवर और डिस्प्ले आदि के दाम में भी बढ़ोतरी बताई जा रही है। मोबाइल खराब होने पर डिस्प्ले बदलवाना या नया चार्जर खरीदना पहले की तुलना में अधिक खर्चीला हो गया है।
महंगाई का बिक्री पर असर ः सेमरियावां, बाघनगर, दानोकुइयां, नव्वागांव, चिउटना, सालेहपुर दुधारा, उसराशहीद और सेहुड़ा समेत क्षेत्र के प्रमुख चौराहों पर मोबाइल की दुकानें हैं। दुकानदार इरशाद अहमद, शमशाद, वीरेंद्र कुमार, सलमान और वहाब ने बताया कि कीमत बढ़ने से बिक्री पर असर पड़ा है। ग्राहक अब मोबाइल खरीदने से पहले कीमत और फीचर की तुलना अधिक कर रहे हैं।
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