धनघटा। महुली थाना क्षेत्र के मझौवा एकडंगा गांव निवासी चार बच्चों की मां चार मई से लापता है। पति पत्नी की खोज में दर-दर की ठोकरें खा रहा है। वहीं उसके चारों बच्चे मां के लिए बिलखते रहते हैं। बच्चों का मां के लिए रोना गांव के लोगों को व्यथित कर रहा है।
मझौवा एकडंगा गांव निवासी राममिलन गौड़ पुत्र दीनानाथ गौड़ बेहद गरीब हैं। परिवार की गुजर बसर के लिए वह अहमदाबाद में रहकर एक ठेकेदार के पास हेल्पर का काम करते हैं। ग्राम प्रधान अजय के सहयोग से उसकी पत्नी संजू (38) वर्ष के नाम से कुछ दिन पूर्व प्रधानमंत्री आवास मिला है। प्रथम किस्त 40 हजार रुपये की मिलने पर संजू देवी ने आवास की नींव डलवाई। दूसरी किस्त 70 हजार की आई तथा घर बन जाए, इसके लिए उसके पति ने 30 हजार रुपया ठेकेदार से एडवांस लेकर पत्नी के खाते में भेजा।
पति राममिलन गौड़ ने बताया कि चार मई की शाम उसकी पत्नी बच्चों से बढ़या बाग जाने की बात कहकर घर से गई, तब से वह नहीं लौटी। पत्नी के न लौटने की सूचना दूसरे दिन सुबह बच्चों ने फोन पर दी। अनहोनी की आशंका में वह घर आया। तब से पत्नी का कहीं पता नहीं चल रहा है। उसके खाते में जमा आवास का दूसरी किस्त का 70 हजार और जो 30 हजार रुपये ठेकेदार से एडवांस लेकर भेजा था। वह भी खाते में नहीं है। पासबुक घर पर है।
राममिलन गौड़ ने बताया कि पत्नी की हर जगह तलाश के बाद आठ मई को महुली थाने में तहरीर देकर गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। अनहोनी की आशंका से परेशान हूं। उसने बताया कि उसके चार बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी पायल 14 वर्ष की है। दूसरा बेटा कृष्ण 10 वर्ष का है। तीसरा बेटा कार्तिक आठ साल का है। सबसे छोटा बेटा देव चार वर्ष का है। बच्चों का मां के लिए रोना कलेजा चीर देता है।
ग्राम प्रधान अजय ने बताया कि राममिलन गौड़ का सबसे छोटा बेटा देव सुबह शाम आता है, और चारों तरफ देखकर पूछता है कि चाचा मम्मी के लिया अईला। नहीं कहने पर फूट-फूट रोता। बच्चे का मां के लिए बिलखता देख लोगों की आंखें छलक जाती हैं।