संतकबीरनगर। खलीलाबाद शहर के मोतीनगर मोहल्ला में ब्रिटिश मौलाना के शमशुल होदा खान के संचालित मदरसे का रजिस्ट्रेशन निरस्त होने के बाद विभागीय कार्रवाई तेज हो गई है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने दोहरी नागरिकता के बाद वर्ष 2013 से मदरसा प्रबंध कमेटी के अभिलेख की मांग चिट फंड कार्यालय गोरखपुर से की है।
इसके लिए डीएमओ ने पत्राचार किया है। अभिलेखों से यह जांच की जाएगी कि ब्रिटिश मौलाना कब से कब तक मदरसे का प्रबंधक रहा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो वर्तमान प्रबंध कमेटी से दस्तावेज मांगा गया था। जिस पर प्रबंध कमेटी ने कोई भी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया।
शहर के मोतीनगर मोहल्ला में संचालित मदरसा कुलियातुल बनातिर रजविया की वैधता पर सवाल उठने के बाद विभागीय जांच की प्रक्रिया में भी तेजी आ गई है। अल्पसंख्यक विभाग से जुड़े सूत्रों की बात पर भरोसा करें तो मदरसे का विवाद सामने आने के बाद अधिकारियों ने अपनी जांच शुरुकी। पहले वर्तमान प्रबंध कमेटी से वर्ष 2013 के बाद की प्रबंध कमेटी से संबंधित अभिलेख तलब किया गया। जिस पर कोई कागजात नहीं दिया गया।
इसके बाद रजिस्ट्रार चिटफंड ऑफिस गोरखपुर से रजिस्ट्रेशन निरस्त होने का विभाग के पास पत्र आने के बाद विभाग और सक्रिय हो गया। विभागीय अधिकारियों ने चिटफंड आफिस गोरखपुर को पत्राचार किया है। मौलाना की दोहरी नागरिकता के बाद वर्ष 2013 से लेकर अब तक प्रबंध कमेटी के अभिलेख की मांग किया गया है। जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौलाना शमशुल होदा खान कब से कब तक मदरसे का प्रबंधक रहा है।