सेमरियावां में मिनी सेंट्रल लैब में जांच करते कर्मी
संतकबीरनगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद और सेमरियावां में मिनी सेंट्रल लैब तैयार हो गया है। इस सेंट्रल लैब में सभी तरह की जांच की जाएगी। इसके लिए मशीनें भी आ गई हैं। सेमरियावां में काम शुरू भी हो चुका है लेकिन खलीलाबाद में अभी जांच अधर में लटका हुआ है।
अधिकारियों की लापरवाही से खलीलाबाद में अभी तक लैब का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। इसके साथ ही ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) कार्यालय भी यही पर शिफ्ट होना है। ताकि लोग एक ही जगह सभी कार्य करा सकें।
बता दें कि खलीलाबाद सीएचसी में छह माह पहले सीएमओ आवास के पास सेंट्रल लैब बनकर तैयार हो गया है। भवन में वायरिंग आदि के कार्य हो चुके हैं। लेकिन अभी तक भवन में लैब का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। बताया जा रहा है कि कार्यदायी संस्था ने अभी भवन को हैंडओवर नहीं किया है।
अगर यहां पर मिनी लैब का कार्य शुरू होता तो मरीजों को एक ही जगह पर समस्त जांच की सुविधा मिल जाती। इस सीएचसी पर रोजाना 400 से 500 मरीज इलाज के लिए आते हैं। इनमें से 100 मरीजों के ब्लड की जांच कराई जाती है।
वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां में मिनी सेंट्रल लैब बनकर तैयार हो गया है। यहां पर कार्य भी शुरू हो गया है। मरीजों को एक छत के नीचे सभी प्रकार की जांच की सुविधा मिल रही हैं। यहां पर एक ही छत के नीचे 100 प्रकार के जांच की सुविधा उपलब्ध है। 30 शैय्या वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियांवा पर इलाज के लिए ब्लॉक के साथ ही आंशिक रूप से बघौली, बेलहर कला, सांथा, बस्ती के साऊंघाट, रुधौली के गांवों के लोग आते हैं।
इस हॉस्पिटल पर पांच लाख से अधिक जनसंख्या इलाज के लिए आश्रित है। प्रतिदिन 500-600 मरीज इलाज के लिए आते हैं। सेमरियावां सीएचसी में इलाज कराने आने वाले मरीजों को कुछ दिनों बाद निजी लैब पर जांच कराने जाना पड़ता था, लेकिन अब लैब बनने से जांच में सहूलियत मिली है।