परिषदीय स्कूलों में हर बुुधवार को बच्चों में एमडीएम के अंतर्गत दूध का वितरण किया जाता है। यह शासन की प्राथमिकता में है।
एमडीएम की वेबसाइट आईवीआरएस प्रणाली की रिपोर्ट के अनुसार 10 फरवरी को जनपद में 83 प्रतिशत स्कूलों मेें दूध का वितरण हुआ। जिसको शासन ने गंभीरता से लिया है।
मध्याहन भोजन प्राधिकरण की निदेशक श्रद्धा मिश्रा ने बीएसए को चेतावनी पत्र जारी करते हुए कहा है कि जनपद में 83 प्रतिशत दूध का वितरण योजना के सफल क्रियान्वयन की दृष्टि से उचित नहीं है।
बेसिक शिक्षा सचिव ने प्रदेश के समस्त जनपदों में दूध वितरण संबंधी रिपोर्ट का अध्ययन किए तो पाया कि संतकबीरनगर जनपद में योजना के अंतर्गत आच्छादित समस्त छात्र छात्राओं को 10 फरवरी को दूध उपलब्ध नहीं कराया गया।
जिसे शासन ने भी गंभीरता से लिया। चेेतावनी में कहा है कि दूध वितरण में लापरवाही बरतने पर अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बीएसए को सचेत करते हुए निर्देश दिया है कि भविष्य में व्यक्तिगत रुचि लेते हुए योजना से आच्छादित समस्त विद्यालयों में शत प्रतिशत दूूध का वितरण सुनिश्चित कराए।
इसके साथ ही डीएम को भी पत्र जारी कर दूध वितरण की समीक्षा करते हुए शत प्रतिशत दूध वितरण कराने को कहा है। शासन के पत्र के बाद बीएसए कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है।
समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों केेे अपने अपने ब्लॉकों के विद्यालयों में दूध का वितरण शत प्रतिशत कराने का निर्देश जारी किया गया है।
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समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने अपने ब्लॉकों के परिषदीय स्कूलों में दूध का वितरण शत प्रतिशत सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है। इसमें अगर किसी प्रकार की लापरवाही मिलेगी तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
महेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए