धनघटा। खलीलाबाद शहर स्थित एक निजी अस्पताल में 58 वर्षीय एक अधेड़ की बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन हर्निया की जगह पेट का दूसरा हिस्सा फाड़ देने का आरोप भी लगा रहे हैं। उन्होंने किडनी चोरी होने की आशंका व्यक्त की है।
बृहस्पतिवार को ग्रामीण और परिजनों ने प्रदर्शन किया। मृतक की पत्नी ने निजी हॉस्पिटल के तीन चिकित्सक के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। वहीं पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए भेज दिया है।
पुलिस को दी शिकायत में काली जगदीशपुर के मोहरैया मोहल्ला निवासी जितना देवी ने बताया कि उसके पति रन्नू प्रसाद के हर्निया के ऑपरेशन के लिए खलीलाबाद शहर के एक निजी हॉस्पिटल में महीना भर पूर्व में भर्ती कराया गया। 11 दिन के बाद घर लेकर पहुंचे। पांचवें दिन जब पुनः अस्पताल लेकर पहुंचे। तो चिकित्सकों ने बताया कि टांका पक गया है, भर्ती करना होगा। इसके बाद इलाज शुरू किया गया और 15 दिन तक हॉस्पिटल में रहे।
बुधवार को रन्नू की अचानक तबीयत बिगड़ी तो आनन-फानन में हॉस्पिटल के एम्बुलेंस से रन्नू प्रसाद के साथ परिजनों को लेकर अन्य स्थान ले जाने लगे। पूछने पर धमकी देकर शांत कराया। कर्मियों ने एम्बुलेंस की लाइट बंद रखा था और मोबाइल फोन का प्रयोग करने से मना कर दिया।
जितना देवी के अनुसार पिता रन्नू प्रसाद की बीच रास्ते में मौत हो गई। अनुमान लगने पर चीखने चिल्लाने पर एम्बुलेंस चालक वाहन मोड़कर अस्पताल लेकर गया।
तब तक निजी अस्पताल के चिकित्सकों को भनक लग गई और बाहर ही रोक दिया और अंदर नहीं घुसने दिया गया। स्मार्ट कार्ड, आधार कार्ड, मेडिकल पर्चा छीन लिया और भगा दिया। आनन-फानन में पूरी तरह हॉस्पिटल की लाइट बंद करके ताला लगाकर डॉक्टर भाग गए। आरोप है कि हर्निया की जगह डॉक्टर पेट के दूसरे हिस्सा में ऑपरेशन किया गया है। परिजन किडनी चोरी होने का आरोप लगा रहे हैं।
इस मामले में मृतक की पत्नी जितना देवी ने थाने में तीन चिकित्सकों के खिलाफ नामजद तहरीर देकर लापरवाही के चलते रन्नू प्रसाद की मौत होने का आरोप लगाया है। एसओ राजनीश राय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।