मनरेगा के कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए जिले में सेटेलाइट से मानीटरिंग होगी। इसके लिए रोजगार सेवकों, ग्राम पंचायत अधिकारियों और तकनीकी सहायकों को एंड्रायड मोबाइल के जरिए मनरेगा के कार्यों को अपडेट करना होगा। इसमें लापरवाही बर्दाश्त क्षम्य नहीं होगी। जो लोग एंड्रायड मोबाइल खरीदने में आनाकानी कर रहे हैं, उन्हें चेतावनी दी जा रही है।
बुधवार को बेलहर, सांथा व मेंहदावल ब्लॉक के रोजगार सेवकों, सेक्रेट्री व तकनीकी सहायकों को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रशिक्षण के अंतिम दिन जिलाधिकारी डॉक्टर सरोज कुमार ने यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सूबे में मात्र संतकबीरनगर को ही प्रथम चरण में चुना गया है। ऐसे में पूरा प्रयास होना चाहिए कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य कराया जाए।
डीसी मनरेगा विनय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि तीन-तीन विकास खंडों का एक साथ प्रशिक्षण हो रहा है।
पहले दिन खलीलाबाद, सेमरियावां, बघौली के रोजगार सेेवकों, सेक्रेटरी, तकनीकी सहायकों को प्रशिक्षण दिया गया, जबकि दूसरे दिन नाथनगर, हैंसर व पौली विकास खंड के लोगों को प्रशिक्षण दिया गया। रोजगार सेवकों, सेक्रेटरी और तकनीकी सहायकों को एंड्रायड मोबाइल में मोबाइल डिस्पैचियल इनोमेटर नामक एप लोड करना होगा। जिसके माध्यम से अपने गांव में एक अप्रैल 2016 के बाद मनरेगा के अंतर्गत जो भी कार्य पूरा होगा, उसका अक्षांश और देशांतर की स्थिति लेते हुए फोटो करना होगा और उस फोटो को निर्धारित पोर्टल पर लोड करना होगा।
ट्रेनिंग के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से सभी को इसकी जानकारी और प्रयोग करने की विधि बताई गई। प्रशिक्षण देने वालों में मास्टर ट्रेनर अजीत सिंह, ऋषिकेश सिंह व सेराज शामिल रहे। प्रशिक्षण के दौरान अशफाक अहमद, डीडीओ रमेश चंद्रा, तकनीकी सहायक महेंद्र नाथ राय लोग उपस्थित रहे।