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उर्वरक खरीदने वाले किसानों को मोबाइल पर मिलेगा मैसेज

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उर्वरक खरीदने वाले किसानों को मोबाइल पर मिलेगा मैसेज
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- कालाबाजारी और ओवर रेटिंग रोकने की कवायद
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। उर्वरक की कालाबाजारी और ओवर रेटिंग रोकने के लिए शासन ने और सख्ती शुरू कर दी है। अब उर्वरक की खरीद करने वाले किसानों के मोबाइल नंबर को प्वाइंट ऑफ सेल मशीन (पीओएस) में दर्ज करना होगा। उसके बाद किसानों की मोबाइल में मैसेज जाएगा कि उसने कितनी बोरी उर्वरक और किस दर पर खरीदी है। जनपद में 642 दुुकानों से उर्वरक की बिक्री होती है।
शासन ने उर्वरक की कालाबाजारी और ओवर रेटिंग पर रोक लगाने के लिए नई पहल शुरू की है। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि अब विक्रेताओं को उर्वरक बिक्री के दौरान किसान का मोबाइल नंबर भी पीओएस मशीन में दर्ज करना होगा। उर्वरक की खरीद पर किसान के मोबाइल पर मैसेज पहुंचेगा कि उसने कितनी बोरी उर्वरक किस दर पर खरीद की है। इससे किसान खुद जागरूक होगा और उर्वरक मंत्रालय को भी अधिक बिक्री करने वाले विक्रेता और खरीदार की पहचान करना आसान हो जाएगा। इफ्को के क्षेत्राधिकारी अमित कुमार की ओर से विक्रेताओं के पीओएस मशीन में नया वर्जन अपलोड कराया जा रहा है।
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पर्याप्त है उर्वरक और गेहूं का बीज
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में उर्वरक और गेहूं बीज की पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। गेहूं के सीजन में एक अक्तूबर से 31 मार्च तक 28154 मीट्रिक टन यूरिया की जरूरत है। जबकि 31 दिसंबर तक 12952 मीट्रिक टन यूरिया की जरूरत है। इसके सापेक्ष जिले में 17330 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। इसी तरह 8985 मीट्रिक टन डाई की जरूरत है। 11367 मीट्रिक टन डाई की उपलब्धता है। बुवाई के लिए 42500 क्विंटल गेहूं की जरूरत है। जबकि 41440 क्विंटल गेहूं उपलब्ध है।
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