बेलहरकला विकास खंड के ग्राम पंचायत गंगौरा के पूर्व ग्राम प्रधान सहित तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी से 4,90,116 रुपये रिकवरी के आदेश दिए गए हैं। जांच में इन पर फर्जी एमबी बनाकर सरकारी धन का दुरुपयोग का मामला पाया गया था।
जिला पंचायत राज अधिकारी रामअग्रे सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत गंगौरा के प्रधान दिवाकर उपाध्याय ने शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि वीडीओ अब्दुल लतीफ ग्राम पंचायत की प्रथम बैठक में उपस्थित नहीं हुए और पूर्व ग्राम प्रधान जगनरायन एवं ग्राम पंचायत अधिकारी ने साजिश कर फर्जी एमबी बनवाकर सरकारी धन का गोलमाल किया गया है। शिकायत की जांच सहायक विकास अधिकारी महादेव प्रसाद को सौंपी गई थी। साथ ही ग्राम पंचायत अधिकारी का स्थानांतरण करते हुए सुरेश बहादुर सिंह को ग्राम पंचायत अधिकारी नियुक्त किया गया।
जांच में देरी को देखते हुए जांच जेई आरईडी बेलहरकला के साथ जांच की गई। अवर अभियंता अरसद अली ने जो मूल्यांकन रिपोर्ट दी, उसमें तत्कालीन ग्राम प्रधान जगनरायन एवं तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी अब्दुल लतीफ राज्य वित्त के 4,90,116 रुपये वित्तीय अनियमितता के दोषी पाए गए। इन दोनों को 22 जुलाई 2016 को नोटिस देकर अपना पक्ष रखने को कहा गया था। ग्राम पंचायत अधिकारी ने अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया, लेकिन तत्कालीन ग्राम प्रधान ने कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया।
ग्राम पंचायत अधिकारी का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। ऐसे में तत्कालीन ग्राम प्रधान जगनरायन से 2,45,058 रुपये तथा तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी अब्दुल लतीफ से 2,45,058 रुपये की रिकवरी के आदेश दिए गए हैं।