बारिश के चलते मेंहदावल-बखिरा मार्ग बंद
बखिरा आने के लिए राहगीरों को अब दस किमी लंबा सफर तय करना पड़ रहा है
पुलिया निर्माण में सुस्ती की वजह से राहगीरों की बढ़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बखिरा। मेंहदावल-बखिरा मार्ग पर कानापार गांव के निकट पुलिया निर्माणाधीन है। राहगीरों व वाहनों के आवागमन के लिए निर्माणाधीन पुलिया के बगल में मिट्टी पाटकर बनाया गया रास्ता बारिश के पानी में शनिवार की रात में बह गया। इससे मेंहदावल-बखिरा मार्ग बंद हो गया। अब बखिरा आने के लिए लोगों को मजबूरी में दस किलो मीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। आरोप है कि 24 घंटा बीतने के बाद भी अभी तक जिम्मेदारों ने रास्ता बहाल करने की जहमत नहीं उठाई है।
बखिरा से सटे हुए कानापार गांव के निकट जर्जर पुलिया को तोड़कर नई पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। राहगीरों व वाहनों के आवागमन के लिए निर्माणाधीन पुलिया के बगल में मिट्टी पाटकर रास्ता चालू कराया गया था। इधर, एक पखवाड़े से हो रही बरसात से वाहनों का आवागमन प्रभावित हो गया था। इसी बीच शनिवार की रात्रि में तेज मूसलाधार बारिश होने से खेतों में जलभराव हो गया। आवागमन के लिए बनाई गई अस्थायी सड़क पानी की तेज धारा में बह गई। इससे लोगों की मुसीबत काफी बढ़ गई है। अब लोगों को बखिरा, खलीलाबाद व गोरखपुर का सफर तय करने के लिए दस किलोमीटर अधिक चलना पड़ेगा। राहगीर रामस्वरूप, रामउजागिर, शमशुद्दीन, महबूब अली, राजेश यादव, मुरलीधर, जियाउल, अकरम ने बताया कि मिट्टी डालकर सड़क बना दी गई थी, किन्तु इसपर रोलर नहीं चलाने से मिट्टी में गैप की वजह से इस तरह की घटना हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने सुस्त गति से पुलिया निर्माण किया है। जिम्मेदारों ने यदि तेजी दिखाई होती तो नवनिर्मित पुलिया से आवागमन बारिश आने से पहले ही शुरू हो गया होता। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन राजेश निगम ने बताया कि मेंहदावल-बखिरा मार्ग पर कानापार गांव के निकट पुलिया बनकर तैयार है। एप्रोच बनना रह गया है। तीन से चार दिन में एप्रोच तैयार हो जाएगा। इसके बाद आवागमन शुरू हो जाएगा।