20 अनाथ बच्चों को चार हजार महीने दिया जाएगा अनुदान
कोविड -19 के लिए गठित टास्क फोर्स की बैठक में लिया गया निर्णय
डीएम ने छूटे पात्रों को चिह्नित किए जाने पर जोर दिया
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। कोरोना संक्रमण से जिले में 22 बच्चों के पिता की मौत हो गई थी। यह बात मंगलवार को टास्क फोर्स की बैठक में सामने आई, जिसमें एक युवक की उम्र 18 वर्ष से अधिक होने से उसे अपात्र घोषित कर दिया गया। जबकि युवती की उम्र 18 वर्ष से अधिक होने पर उसे शादी के लिए एक लाख एक हजार रुपये का अनुदान दिए जाने पर सहमति बनी। वहीं 20 अनाथ बच्चों को पात्र मानते हुए टास्क फोर्स ने उन्हें प्रतिमाह चार हजार रुपये का अनुुदान दिए जाने का अनुमोदन दिया।
डीएम दिव्या मित्तल की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कोविड -19 के लिए गठित टास्क फोर्स की बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत चिह्नित अनाथ बच्चों के बारे में पूछताछ की गई। ऐसे 22 प्रकरण चिह्नित किए गए हैं, जिसमें पाल्यों के पिता की कोरोना संक्रमण की वजह से मौत हो गई थी। जिसमें से एक युवक की उम्र 18 वर्ष से अधिक होने की वजह से पात्रता की श्रेणी में नहीं आया। जबकि एक युवती की उम्र 18 वर्ष से अधिक थी। युवती को शादी के लिए एक लाख एक हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। शेष 20 बच्चों को भरण पोषण एवं शिक्षा के लिए 4000 रुपये प्रतिमाह अनुदान दिए जाने के लिए अनुमोदन किया गया। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अभी सर्वे कराया जाए और यदि कोई पात्र मिलता है तो उसे योजना का लाभ जरूर दिलाया जाएगा। इस दौरान सीडीओ अतुल मिश्र, अपर सीएमओ डॉक्टर मोहन झा, एसडीएम सदर राज नारायण त्रिपाठी, एसडीएम मेंहदावल अजय कुमार तिवारी, एसडीएम धनघटा योगेश्वर, तहसीलदार सदर शशांक शेखर राय, जिला प्रावेशन अधिकारी डॉक्टर श्चेता त्रिपाठी, डीपीओ विजय श्री, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति अमित कुमार उपाध्याय आदि मौजूद रहीं।