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सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी

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जिला अस्पताल में स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का निरीक्षण करते सीएमओ।संवाद - फोटो : KHALILABAD
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सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी
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- मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ रही दवा
- जन औषधि केंद्र में दवा नहीं होने पर भड़के सीएमओ
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी है। अगर चिकित्सक चार दवा लिखते हैं तो अस्पताल से मात्र दो ही दवाएं मिलती हैं। बाकी अन्य दवाएं मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ रही है। वहीं, सस्ते दर पर दवा देने के लिए खोले गए पीएम जन औषधि केेंद्र में भी पिछले दो माह से दवाएं नहीं है। सोमवार को सीएमओ डॉ. अनिरुद्ध सिंह ने पीएम जन औषधि केंद्र का निरीक्षण किया। दवाएं नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। दवा सप्लाई करने वाली संस्था को चेतावनी दी है।
जिले में एक जिला अस्पताल, छह सीएचसी और करीब 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जिला अस्पताल में दवाएं तो मिलती हैं पर मरीजों को सस्ते दर पर दवा उपलब्ध कराने के लिए खोले गए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर पिछले दो माह से दवाओं की कमी है। यहां दवाएं खत्म हो चुकी है। इसके साथ ही जिले के सीएचसी मेंहदावल, हैंसर, सेमरियावां में पर्याप्त मात्रा में दवाएं नहीं हैं। चिकित्सक अगर मरीज को चार दवा लिख रहे हैं तो उन्हें सिर्फ दो दवाएं ही जिला अस्पताल से मिल रही हैं। बाकी दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही है।
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सीएचसी मेंहदावल पर इलाज कराने आए जय प्रकाश ने बताया कि पेट में दर्द की समस्या थी। दो दवा मिली और दो दवा बाहर से खरीदनी पड़ी। नाथनगर सीएचसी पर इलाज के लिए आईं संगीता ने बताया कि तीन दिनों से बुखार है। डॉक्टर से दिखाया तो उन्होंने दवाएं लिखी। सिर्फ पैरासिटामॉल और एक अन्य दवा अस्पताल से मिली। तीन दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ी।
उधर, दवा की उपलब्धता लिए सीएमओ डॉ. अनिरुद्ध सिंह ने प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का निरीक्षण किया। वहां उन्हें रैक पूरी तरह से खाली मिला। उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने दवा सप्लाई करने वाली फर्म से बातचीत की। कहा कि अगर मंगलवार तक दवाएं नहीं आई तो इस फर्म के खिलाफ कार्रवाई के लिए महानिदेशालय को पत्र लिखा जाएगा।
सीएचसी पर दवाओं के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त
संतकबीरनगर। सीएचसी पर दवाओं की उपलब्धता जानने के लिए डिप्टी सीएमओ स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। हर सीएचसी पर एक-एक नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। यह सीएचसी पर जाएंगे और दवाओं की उपलब्धता के साथ वहां की अन्य समस्याओं को देखेंगे। अगर कोई चिकित्सक बाहर की दवा लिखता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति भी करेंगे।
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सीएचसी पर पर्याप्त दवाएं है। किसी मरीज को दवा नहीं मिलती है तो इसकी जानकारी ली जाएगी। चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं कि अस्पताल की दवाएं लिखे। अगर कोई चिकित्सक बाहर की दवा लिखेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पीएम जन औषधि केंद्र पर दवाएं नहीं है। इसके लिए फर्म को चेतावनी दी गई है। अगर वहां दवाएं नहीं आई तो फर्म के खिलाफ महानिदेशक को पत्र लिखा जाएगा। - डॉ. अनिरुद्ध सिंह, सीएमओ
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