हरिहरपुर/ महुली। क्षेत्र के बाजारों में बिक रहे मांस की दुकानों और गांव में चल रहे पोल्ट्री-फार्म के आसपास आवारा कुत्तों का झुंड मंडराता रहता है। कुत्तों का झुंड आए दिन पैदल व बाइक सवार राहगीरों को निशाना बनाता है। कई बार बाइक व साइकिल सवारों को कुत्ते दौड़ा लेते हैं, जिसके चलते वे गिरकर चोटिल हो जाते हैं।
महुली क्षेत्र के महुलियहवां निवासी नौ वर्षीय छात्रा माहेरा की कुत्तों के काटने से हुई मौत से क्षेत्र में दहशत है। लोग अपने बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। खासकर जिस रास्ते में मांस की दुकान और पोल्ट्री-फाॅर्म संचालित हैं। कुत्तों के आतंक से क्षेत्र के अभिभावक अपने पाल्यों की पढ़ाई को लेकर काफी चिंतित हैं।
महुली, नाथनगर, हरिहरपुर बाजार के चौराहों पर स्थित मांस की दुकानों पर कुत्तों का झुंड मंडराता रहता है। मुर्गा और बकरे के अवशेष खाकर कुत्ते और भी आक्रामक हो गए हैं। क्षेत्र के भगौतीपुर, मानपुर, छितहीं, महुली, अलीनगर, नाथनगर, हिरदयीपुर कई गांवों में मुर्गी-फाॅर्म संचालित हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि मुर्गी-फाॅर्म में मृत मुर्गियों को संचालक खुले में फेंक देते हैं इसके चलते कुत्तों का झुंड फाॅर्म के आसपास चक्कर लगाता रहता है।
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माहेरा की मौत से दहशत में लोग
हरिहरपुर। आवारा कुत्तों के हमले में भगौतीपुर ग्राम पंचायत के महुलियहवां गांव की छात्रा माहेरा की मौत से क्षेत्र में दहशत है। लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं। छात्रा माहेरा के परिजन बेटी की मौत से गमजदा हैं। घटना से आहत महुलियहवां के ग्राम प्रधान जहीरुद्दीन ने बताया कि वह शनिवार को बीडीओ को इस मामले में ज्ञापन देने वाले थे, लेकिन छुट्टी के चलते वे इसकी शिकायत नहीं कर सके। उन्होंने बताया कि छात्रा माहेरा की मौत से गांव के लोग काफी दुखी हैं। अभिभावक अपने छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं।
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हर माह 300 मामले में आते हैं सीएची में
महुली। सीएचसी नाथनगर में हर माह करीब तीन सौ मामले कुत्ते के काटने के पहुंचते हैं। कुछ मामले काफी गंभीर भी होते हैं जिन्हें जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है। सीएचसी अधीक्षक श्वेतांक सिंह ने बताया कि कुत्तों के काटने का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कुत्ते के काटने पर तुरंत अस्पताल पहुंचकर चिकित्सक से परामर्श लें और उपचार कराएं।
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गांव और चौराहों पर झुंड बनाकर घूम रहे आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में रखना चाहिए। स्थानीय प्रशासन को इस पर गंभीर होना चाहिए।
-इसरार अहमद, मानपुर
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माहेरा की मौत बेहद दर्दनाक घटना है। आवारा कुत्तों के झुंड पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन कार्रवाई करनी चाहिए।
-रियाज अहमद, छितहीं