जौरा मुगलही में सार्वजनिक जमीन की पैमाइश करते कानूनगो व लेखपाल।स्रोत-सोशल मीडिया
- फोटो : संवाद
जौरा बाजार। उच्च न्यायालय प्रयागराज के आदेश पर ग्राम जौरा मनराखन में सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सोमवार को कानूनगो की अगुवाई में छह लेखपालों ने गांव की सरकारी भूमि की पैमाइश की। इससे अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप मच गया है।
जौरा मनराखन के मुकेश कुशवाहा ने उच्च न्यायालय में गांव की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ वाद दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने ग्राम सभा की सार्वजनिक उपयोग की समस्त भूमि से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया। न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए सोमवार को कानूनगो ओमप्रकाश की अगुवाई में लेखपाल कन्हैया यादव, अमित रावत, अमित चौधरी, अखिलेश गुप्ता, धनंजय पांडेय व अंकिता सिंह ने सरकारी भूमि की पैमाइश की। कानूनगो ने बताया कि गाटा संख्या 358 और 365 खतौनी में बंजर है। इस भूमि पर कुल 11 लोगों का कब्जा पाया गया। सोमवार को गाटा संख्या 348 की पैमाइश हुई। इस दौरान सरकारी जमीन पर किसी का कब्जा नहीं मिला है। बाकी भूमि की पैमाइश मंगलवार को होगी। उन्होंने बताया कि पैमाइश का कार्य पूरा होने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।