संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक रमेश दूबे की कोर्ट ने डकैती के साथ हत्या करने लूट के माल को बेईमानी से अपने पास रखने के मामले में दोषी पाए जाने पर मौजम बंजारा को 9 वर्ष 6 माह के कठिन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
खलीलाबाद शहर के गायत्रीपुरम गौसपुर खलीलाबाद निवासी उर्मिला उपाध्याय ने कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया कि उनका मकान गायत्रीपुरम गौसपुर खलीलाबाद में बना है। रात में वह लोग अपने मकान में सोए थे। लगभग पौने तीन बजे छह-सात बदमाश उनके घर में दीवार फांद कर आ गए। घर में सो रहे उनके किरायेदार चिंतामणि त्रिपाठी निवासी बेलौली थाना मेंहदावल, उनका लड़का शिव शक्ति उपाध्याय उर्फ चिंटू, लड़की रिमझिम परिवार के माया शंकर उपाध्याय उर्फ टुन्नू और उन्हें डंडों और रॉड से मारकर बुरी तरह घायल कर दिए। इसके बाद बदमाश उन लोगों के कमरों में घुसकर बक्से में रखे जेवर और नकद रुपये लूट लिए। अस्पताल जाते समय चिंतामणि त्रिपाठी की मृत्यु हो गई
इस बीच शोर हुआ और जानकारी हुई कि उनके घर में मारपीट और लूटपाट करने से पहले यही बदमाश उनके मोहल्ले के सर्वेश कुमार श्रीवास्तव के घर में घुसकर उनके किरायेदार गामा प्रसाद प्रजापति, शिवम कुमार प्रजापति को मारपीट कर जेवर व नकद रुपये ले गए। 14 सितंबर 2015 को थाना कोतवाली खलीलाबाद में 6/7 अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज हुआ। मामले में विवेचक ने विवेचना के दौरान लूट का सामान दिखाते हुए धारा की बढ़ोतरी करते हुए आरोपी मौजम बंजारा के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक रमेश दूबे की कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने उर्मिला, गामा प्रसाद, सर्वेश श्रीवास्तव को परीक्षित कराया। कोर्ट में विचारण के दौरान ही आरोपी मौज़म बंजारा ने स्वेच्छा से जुर्म स्वीकार करने का प्रार्थना पत्र दिया और घटना में अपने को शामिल होना स्वीकार करते हुए लूट का माल अपने पास होना भी स्वीकार किया। आरोपी के जुर्म स्वीकार करने के आधार पर मौजम बंजारा निवासी तरकुलवा उर्फ भटगावा थाना श्यामदेउरवा जनपद महराजगंज दोषी करार दिया गया।