प्रधानी के चुनाव में कई दिग्गजों की अपने ही गांव में साख नहीं बच पाई। प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री ,पूर्व विधायक और भाजपा के जिलाध्यक्ष की पत्निया जहां चुनाव हार गई,वहीं सपा के विधायक की भाभी को भी चुनाव में मात मिली। जबकि पूर्व सांसद के भाई को चुनाव में जीत मिली।
जिन ग्राम पंचायतों में दिग्गजों के परिवार के लोग प्रधान पद चुनाव लड़ रहे थे,वहां के परिणाम को जानने के आम जनता भी आतुर थी। आलम यह था कि कई दिग्गज अपने परिवार के सदस्यों को प्रधान पद पर चुनाव में उतार कर खुद चुनावी कमान संभाल लिए थे। चुनाव के परिणाम से जहां जीते प्रत्याशी खेमे में जशभन का माहौल पैदा कर दिया,वहीं हारने वाले खेमे में मायूसी का माहौल छा गया।
बेलहर ब्लॉक क्षेत्र के बेलहर कला गांव से प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री लक्ष्मी कांत उर्फ पप्पू निषाद की पत्नी हेमवंती निषाद तीसरी बार प्रधान पद पर चुनाव लड़ रही थी। जबकि उसी गांव के विनोद यादव की पत्नी शशिकला समेत कुल छह प्रत्याशी चुनाव भी मैदान में थे।
मंत्री की पत्नी हेमवंती निषाद चुनाव हार गई और शशिकला को जीत मिली। सांथा ब्लॉक क्षेत्र के खुजुरी गांव में पूर्व विधायक मोहम्मद ताबिश खां की पत्नी शायदा खातून प्रधान पद पर चुनाव हार गई। जबकि सलाहुद्दीन की पत्नी फातमा खातून चुनाव जीती। पूर्व विधायक के परिवार में वर्ष 1988 से लगातार प्रधान पद पर लोग चुनाव जीतते आए थे।
पूर्व विधायक की पत्नी के चुनाव हारने से समर्थक मायूस दिखे। नाथनगर ब्लॉक के नाथनगर ग्राम पंचायत से सपा विधायक अलगू चौहान की भाभी दुखना देवी प्रधान पद पर चुनाव लड़ी थी। इस गांव से कुल 16 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। विधायक की भाभी दुखना देवी चुनाव हार गई।
जबकि प्रधान पद पर रीना देवी चुनाव जीती। खलीलाबाद ब्लॉक क्षेत्र के हाड़ापार ग्राम पंचायत से भाजपा के जिलाध्यक्ष रामललित चौधरी की पत्नी सोहरावती देवी चुनाव हार गई। इस गांव से विंदु देवी चुनाव जीती। प्रधान संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष कौशल चौधरी कर्री गांव से चुनाव हार गए।
कर्री गांव से बदरुदुजा उर्फ मंचू चुनाव जीते। इसी तरह उमरी खुर्द ग्राम पंचायत से सपा नेता शिवशंकर की पत्नी बासमती चुनाव हार गई। खलीलाबाद ब्लॉक क्षेत्र के ही ग्राम पंचायत भगता से पूर्व सांसद भालचंद यादव के भाई कृष्णचंद यादव प्रधान पद पर जीते। इससे समर्थकों में खुशी की लहर दिखी।