नोडल अफसर के सवाल का जवाब नहीं दे पाए अफसर
- जिले के आधे से अधिक अफसर नहीं जानते 1090 और 181 नंबर के बारे में
- आंकडे़ गिनाने के बजाए योजनाओं को धरातल पर उतारने पर दिया जोर
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। प्रमुख सचिव होमगार्ड एवं जिले के नोडल अफसर अनिल कुमार द्वितीय ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में अधिकारियों संग बैठक कर विकास कार्यों की समीक्षा की। विभागवार समीक्षा के दौरान नोडल अफसर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से योजनाओं की हकीकत जानी और पुस्तिका में दर्ज आंकड़ों पर सवाल उठाए। पूरे बैठक में नोडल अफसर सख्त नजर आए और योजनाओं को धरातल पर उतारने पर जोर दिया। बैठक में कई अफसर नोडल अफसर के सवालों का जवाब नहीं दे पाए।
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान एसपी ब्रजेश सिंह की ओर से पूर्व वर्षों की तुलना में इस वर्ष अपराधों के घटने का जिक्र किया गया। इस पर नोडल अफसर ने पिछले वर्षों के आंकडे़ भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। नोडल अफसर ने 1090 और 181 नंबर के बारे में सभागार में बैठे अफसरों से जानना चाहा तो आधे से अधिक अफसर नहीं बता पाए। उसके बाद एसपी की ओर से पूरी जानकारी दी गई। नोडल अफसर ने वाहन चेकिंग की उपयोगिता पर खास कर हेलमेट के बारे में पूछताछ किया और दुर्घटना होने के मूल कारणों को पूछा। जवाब में एसपी ने बताया कि नशे में वाहन चलाना, आंख का कमजोर होना और नियमों का उल्लघंन करना ही हादसों की प्रमुख वजह है।
नोडल अफसर ने एडीएम से सवाल किया कि कंप्यूटराइज्ड खतौनी की शुरुआत कब से हुई तो एडीएम ने जवाब दिया कि वर्ष 2005 से हुई। फिर नोडल अफसर ने निर्देश दिया कि पता कराने की जरूरत है कि ग्राम समाज की कुल कितनी जमीन पहले थी और वर्तमान में कितनी है। नोडल अफसर ने जिला आबकारी अधिकारी श्रीप्रकाश सिंह से पूछा कि विशेष अभियान में क्या कार्रवाई हुई है। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि आठ अप्रैल को देसी शराब की दुकान से अवैध शराब बरामद हुआ था। नौ जून को 290 पेटी हरियाणा निर्मित शराब बरामद हुई थी। 13 जुलाई को चोरहा के पास से 29 पेटी अवैध शराब बरामद की गई थी।
स्वच्छता अभियान के बारे में पूछा तो डीपीआरओ ने अभी भी 49200 लाभार्थियों के शौचालय विहीन होने की जानकारी दी। बैठक में बिजली निगम के एक्सईएन के बैठक में शामिल न होकर मंडलायुक्त से मिलने जाने की बात सामने आने पर नोडल अफसर ने नाराजगी जताई और उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कहीं। ईओ बीना सिंह से कूड़ा निस्तारण के बारे में जानकारी लिया और शहर में पार्क बनाए जाने की जरूरत जताई। ईओ ने बंजरिया में डंपिग के लिए जमीन चिहिन्त होने की बात बताई और पार्क के लिए बंजरिया टोले में निर्माण कराए जाने की योजना बताई। पार्क निर्माण स्थल के लिए चिन्ह्ति जमीन का शाम को निरीक्षण करने की बात कहीं। नोडल अफसर ने पीएम आवास ग्रामीण, सीएम आवास और पीएम आवास शहरी का हाल जाना। उसके बाद गोवंश स्थल, सिंचाई सुविधा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की भी समीक्षा की। पेयजल योजना के बारे में जल निगम के एक्सईएन वीपी सिंह से पूछताछ किया। एक्सईएन ने बताया कि जिले में कुल 41 परियोजनाएं है। जिसमें 12 परियोजनाएं पुरानी है और उसमें दो परियोजनाएं बंद है। जबकि दस नई परियोजनाएं चल रही है। छात्रवृत्ति योजना में अनुसूचित जाति, जनजाति के सही आंकडे़ पता करके बताना का निर्देश डीआईओएस और जिला समाज कल्याण अधिकारी को दिया। बाद में लोग बताए कि कक्षा नौ और दस में कुल दस हजार छात्र अनुसूचित जाति के है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को सही आंकडे़ नहीं बता पाने पर सवाल उठाया। जबकि सीएमओ को सही आंकड़े न पढ़ पाने भी नसीहत दी। इस दौरान डीएम रवीश गुप्त, एसपी ब्रजेश सिंह, सीडीओ बब्बन उपाध्याय, एडीएम रण विजय सिंह, पीडी प्रमोद यादव, डीसी राकेश कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर टीपी मिश्र आदि उपस्थित रहे।