धनघटा। डीएम मार्कंडेय शाही ने गुरुवार को नाथनगर ब्लॉक, बाल विकास परियोजना कार्यालय और बीआरसी का निरीक्षण किया। इस दौरान बीडीओ, एडीओ पंचायत, सीडीपीओ, और एपीओ से जवाब तलब किया। जांच के दौरान स्वच्छता मिशन के ब्लॉक कोआर्डिनेटर अनुपस्थित मिले। डीएम ने उनकी सेवा समाप्ति का निर्देश दिया।
जबकि बीआरसी की बदहाल स्थिति की वजह से बीईओ और एकाउंटेंट का वेतन रोकने का निर्देश दिया। कार्यालय से अनुपस्थित रहने वाली पांच मुख्य सेविकाओं सहित नौ कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा।
निरीक्षण में बीडीओ प्रवीण कुमार शुक्ल, एडीओ पंचायत अरुण कुमार यादव, एकाउंटेंट दिग्विजय नाथ पांडेय अनुपस्थित मिले। डीएम ने पिछली पंचवर्षीय योजना में लोहिया गांवों को आवंटित आवासों और प्रधानमंत्री आवासों की पंजिका का जायजा लिया। अधिकांश में दूसरी और तीसरी किस्त का अंकन नहीं मिला।
लोहिया आवास पंजिका में ग्राम चंदीपुर निवासी बिंदू देवी पत्नी राम सुमेर का द्वितीय किस्त के लिए प्रार्थना पत्र मिला। इसकी जांच का कोई उल्लेख नहीं था। अभिलेखों के रख-रखाव पर भी डीएम असंतुष्ट नजर आए। मनरेगा सेल में क्षेत्र पंचायत की कार्य योजना तैयार नही होने पर डीएम ने नाराजगी जताई।
ग्राम पंचायतों की कार्य योजनाओं की वेज लिस्ट पर मात्र ग्राम प्रधानों के हस्ताक्षर पर ही भुगतान कर दिए जाने पर डीएम ने हैरानी जताई। 28 नवंबर 17 के बाद से किसी भी परियोजना की वित्तीय स्वीकृत पर बीडीओ का हस्ताक्षर नहीं होने को डीएम ने अनियमितता की आशंका जाहिर की।
तिनहरी के एक प्रोजेक्ट की वेज लिस्ट पर टीए का भी हस्ताक्षर नहीं होने और भुगतान हो जाने पर डीएम ने बीडीओ और एपीओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया। कार्यालय में अनुपस्थित स्वच्छता मिशन के ब्लॉक कोआर्डिनेटर राजकुमार की सेवा समाप्ति का निर्देश दिया।
बाल विकास परियोजना कार्यालय में मुख्य सेविका शैला सिंह और वरिष्ठ लिपिक साधूसरन ही उपस्थित थे। डीएम के पूछने पर वरिष्ठ लिपिक ने बताया कि सीडीपीओ रोमा सिंह एक जनवरी के बाद कार्यालय नही आई। कार्यालय की पांच मुख्य सेविकाएं सावित्री देवी, मंजूरानी, आशा देवी, तारा पांडेय और चालक दयासागर भी अनुपस्थित मिले।
सभी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। स्टॉक सत्यापन के लिए बीडीओ की ओर से एडीओ आईएसबी को नामित किए जाने से नाराज डीएम ने उनसे स्पष्टीकरण तलब किया। बीआरसी पहुंचे डीएम ने वहां के बदतर हालात पर नाराजगी जताई। बीआरसी हाल में फैली किताबें और बच्चों के जूते तथा बंद कमरों में भरी पुरानी किताबों पर बिफरे डीएम ने बीईओ और एकाउंटेंट का वेतन रोकने का निर्देश दिया तथा अनुपस्थित कंप्यूटर ऑपरेटर यशोदानंद त्रिपाठी से स्पष्टीकरण मांगा।