संतकबीरनगर। शहर को सेफ सिटी बनाने के लिए विकास की योजनाएं बनाई गईं। इनमें कुछ ही योजनाओं पर काम शुरू हो पाया। अधिकतर योजनाओं का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है। जिसके चलते शहर को सेफ सिटी बनाने की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है। साथ ही विकास को गति नहीं मिल पा रही है।
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद की आबादी करीब एक लाख से ऊपर पहुंच गई है। 25 वार्डों में बंटी आबादी को सुविधाएं उपलब्ध कराने और शहर को सेफ सिटी बनाने के लिए कई योजनाओं का प्रस्ताव तैयार किया गया, लेकिन योजनाएं परवान नहीं चढ़ सकी हैं। अब साल भी बीतने वाला है।
योजनाओं की बात करें तो अचल सरोवर की तर्ज पर खलीलाबाद के समय माता मंदिर का सुंदरीकरण कराया जाना है। इसके लिए प्रथम चरण में एक करोड़ 37 लाख और विनियमित क्षेत्र से 50 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए। अभी तक इस परियोजना की प्रगति यह है कि दो तरफ बाउड्रीवाॅल व सीढि़या बनाई गई हैं। इसके बाद बजट का संकट खड़ा हो गया है। हालांकि पालिका प्रशासन ने तीन करोड़ रुपये की और डिमांड शासन को भेजी है, लेकिन अभी बजट नहीं मिल सका है। ऐसे में कार्य अधर में लटका हुआ है।
मल्टीप्लेक्स के निर्माण के लिए बजट का इंतजार : शहर के नगर पालिका परिषद कार्यालय के बगल में खाली पड़ी जमीन और पुरानी तहसील परिसर में मल्टीप्लेक्स का निर्माण कराया जाना है।
इसके लिए प्रशासन ने करीब छह माह पहले प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया था, लेकिन अब तक इसके लिए बजट उपलब्ध नहीं हो सका है। इन स्थानों पर दुकानें, विश्रामालय, बरातघर और पार्किंग स्थल आदि बनाया जाना है, ताकि शहरवासियों को सुविधाएं मिल सकें। इन पर अब तक काम शुरू नहीं हुआ है, जिससे शहरवासियाें का उम्मीदे टूट रही हैं।