धनघटा में तहसील दिवस में लोगों की फरियाद सुनते डीएम।
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धनघटा में डीएम की अध्यक्षता में मंगलवार को तहसील दिवस का आयोजन हुआ। यहां सर्वाधिक मामले आपूर्ति विभाग से जुड़े आए। इससे नाराज डीएम सुरेश कुमार ने डीएसओ ओर सप्लाई इंस्पेक्टर को फटकार लगाते हुए व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। वहीं खलीलाबाद में डिप्टी सीएमओ समेत पांच अफसर अनुपस्थित रहे।एसडीएम ने इन अफसरों का एक दिन का वेतन काटने की संस्तुति की रिपोर्ट डीएम को भेजने की बात कही। जिले में इस अवसर पर कुल 221 शिकायतें पहुंची, जिसमें से सिर्फ तीन मामलों का निस्तारण मौके पर हो पाया।
तहसील दिवस में धनघटा पहुंचते ही अधिकारियों को नसीहत देनी शुरू कर दी। इसी बीच दो अधिकारी आपस में बात करते दिखे, इस पर डीएम ने फटकार लगाते हुए कहा कि यहां बात छोड़कर जनता की समस्याएं सुनें। इस दौरान महुली थाना क्षेत्र के बनकसिया गांव निवासी विजय शंकर ने प्रार्थना पत्र देकर ओडीएफ गांव होने के बाद भी शौचालय का निर्माण न कराए जाने की शिकायत की। पौली ब्लॉक के शिवबखरी गांव निवासी सुरेंद्र , रामकेश, राणा संग्राम सिंह आदि ने प्रार्थना पत्र देकर पूर्व प्रधान द्वारा कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता बरतने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। सिरसी गांव निवासी सीताराम ने बैनाम सुदा जमीन पर कब्जा दिलाए जाने की मांग करते हुए फरियाद की।
तहसील दिवस में कुल पेश हुए 132 मामलों में 29 मामले आपूर्ति विभाग के रहे। जिसमें राशन कार्ड और राशन दिलाए जाने की मांग की गई। उसी दौरान डीएम ने नाथनगर ब्लॉक के बेलराई गांव के 25 लोगों को लोहिया आवास का स्वीकृति पत्र दिया। इसी तरह खलीलाबाद तहसील में नवागत एसडीएम उमेश चंद्र निगम और सीओ आर के सिंह ने फरियाद सुनी।
यहां डिप्टी सीएमओ खलीलाबाद, एई लघु सिंचाई, एडीओ पंचायत बघौली और सेमरियावां अनुपस्थित पाए गए। एसडीएम ने अनुपस्थित अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने की संस्तुति के साथ डीएम को रिपोर्ट भेजी। यहां कुल 58 मामले सामने आए। लेकिन मौके पर एक भी मामले का निस्तारण नहीं हो पाया। इसी तरह मेंहदावल तहसील दिवस में कुल 31 मामले आए और एक भी मामला नहीं निस्तारित हुआ।