खून न मिलने से मेडिकल कॉलेज से लौट आए कुपोषित बच्चे के परिजन
सूचना मिलने पर सीएमओ की पहल पर प्रशासनिक अधिकारियों ने फिर भेजवाया मेडिकल कॉलेज
दुघरा कला में कुपोषण से बीमार वच्चे का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
हैंसर। जिला अस्पताल से रेफर किए गए कुपोषित बच्चे के साथ जब तीमारदार मेडिकल कॉलेज बृहस्पतिवार की शाम को पहुंचे तो वहा उससे खून मांगा गया। खून दे पाने में परिजन अक्षम रहे तो इलाज न होने की बात कही गई। जिससे मायूस होकर दुघरा कला गांव निवासी संतोष अपने पांच वर्षीय बीमार बच्चे को साथ लेकर घर लौट आए। शुक्रवार को जब इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को हुई तो पहल कर उन्हें दुबारा मेडिकल कॉलेज भेजवाया गया।
दुघरा कला गांव निवासी संतोष के दो बच्चों की मौत कुपोषण से हो चुकी है। तीसरा बच्चा सचिन पांच वर्ष बीमारी की चपेट में है। जिसका इलाज दो दिन से जिला अस्पताल में चल रहा था। बृहस्पतिवार की शाम जब बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी तो उसे जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया गया। संतोष का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में बच्चे के लिए खून की मांग की गई। जिसे दे पाने में असमर्थता जाहिर की तो वहां के डॉक्टर डांटने लगे। इलाज करने से जब डॉक्टर इनकार कर दिए तो बच्चे को लेकर घर लौट आया। अब सरकारी अस्पताल में बच्चे को इलाज के लिए ले जाने की हिम्मत नहीं हो पा रही है। किसी प्राइवेट डॉक्टर के वहां ले जाएंगे। दूसरी तरफ बीमार बच्चे को लेकर संतोष के घर लौटने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के लोगों को हुई तो वह पुन: बच्चे को मेडिकल भेजने की कोशिश करने लगे। इस मामले में सीएमओ डॉ हर गोविंद सिंह, एसडीएम धनघटा प्रमोद कुमार और एसओ रणधीर मिश्र ने पहल करते हुए पुलिस के माध्यम से उसे अपने पास बुलाया। उसके बाद उसे बच्चे को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाने को कहा। स्वास्थ्य विभाग ने एंबुलेंस उपलब्ध कराया और प्रधान प्रतिनिधि फूलचंद चौहान को साथ लेकर संतोष पुन: मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए चले गए। सीएमओ डॉ हर गोविंद सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन से बात की गई है। पीड़ित को खून उपलब्ध कराया जाएगा। उसका बेहतर इलाज होगा।