सिद्धार्थनगर। होली में अगर नमकीन और कचरी, पापड़ का आनंद लेने की सोच रहे हैं तो सतर्क हो जाएं। क्योंकि, त्योहार के मद्देनजर मिलावटखोर एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। कई बार इस्तेमाल हुए तेल से नमकीन तैयार कर बाजारों में पहुंचाया जा रहा है। मामला सिर्फ खराब तेल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि रंग के लिए केमिकल और महक के लिए सेंट का भी प्रयोग किया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच और सैंपलिंग में बीते माह आई रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि हुई है। ऐसे में अगर त्योहार में बीमार नहीं होना है तो नमकीन और पापड़ बाजार के बजाय घर पर ही तैयार करें, यह खाने में पेट दर्द नहीं होगा और न ही हाजमा बिगड़ेगा।
नगर में बाजार के बारे में जानकारी ली गई तो पता चला कि यहां थोक में नमकीन का कारोबार करने वाले दुकानदारों को 70 प्रतिशत माल की आपूर्ति गोरखपुर से होती है। इसके बाद छोटे दुकानदार इनके पास से माल लेकर जाते हैं। एक कारोबारी ने बताया कि नमकीन कई रेट की आती है। जनपद में एक साल में करोड़ों का कारोबार होता है। इसमें होली में भारी मात्रा में इसकी खपत होती है, क्योंकि त्योहार में नमकीन, पापड़, कचरी की डिमांड अधिक रहती है।
त्योहार नजदीक आते ही धंधेबाज मोटी कमाई के लिए बाजार सजा लेते हैं। खपत के अनुपात से डिमांड करके स्टोर कर लेते हैं। होली को चंद दिन बचे हैं, ऐसे में मिलावटखोर सेटिंग वाले बाजारों से ऑर्डर लेते हैं। मिठाई-खोआ से अधिक इस त्योहार में नमकीन, पापड़, कचरी की डिमांड है। होली में बाजार के हालात और खाद्य सामग्री के बारे में जानकारी लेने के लिए शहर के कुछ दुकानदारों से बात की गई तो चला कि होली को देखते हुए लाखों रुपये के नमकीन बिक्री के लिए बाजार में पहुंच चुके हैं। होली से चार दिन पहले से इनकी बिक्री रफ्तार पकड़ेगी।
जानकारों का कहना है कि यह नमकीन निम्न गुणवत्ता के तेल और मिलावटी बेसन और कलर से तैयार किए जाते हैं। बीते वर्ष गोरखपुर में नमकीन की फैक्टरी का भंडाफोड़ होने के बाद मिलावट की बात सामने आ चुकी है। अब एक बार फिर गोरखपुर से आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में मिलावट की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
तैयार है नमकीन-पापड़ का बाजार : मुख्यालय के थोक कारोबारियों ने बताया कि बाजार में आने वाली नमकीन और अन्य खाद्य सामग्री थोक बिक्री करने वाले कारोबारियों ने गोरखपुर से लाकर स्टॉक कर ली है। यहां से चौराहों और कस्बों में दुकान करने वाले खरीद कर लेकर जाते हैं और देखते ही देखते बिक्री कर लेते हैं। आठ से 10 दिन में पूरा मिलावटी माल खपा दिया जाता है।