धनघटा। महुली थानाक्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए सात संवेदनशील मार्गों पर सीसीटीवी और बैरियर लगाए जाएंगे। इसके लिए कुल सात स्थानों को चिह्नित किया गया है। यहां पर सीसीटीवी कैमरा और बैरियर लगाने का काम शुरू हो गया है। एक सप्ताह के अंदर कार्य को पूरा कर लिया जाएगा।
गोरखपुर और बस्ती जनपद की सीमा को छूने वाला महुली थाना क्षेत्र 20 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। थाना क्षेत्र में 279 गांव में लगभग दो लाख से अधिक आबादी है। इनकी सुरक्षा के लिए मात्र 75 पुलिसकर्मी की तैनाती है। जिसमें एक थानाप्रभारी, एक एसएसआई, 13 उपनिरीक्षक, 12 हेड कांस्टेबल, 39 कांस्टेबल, तीन महिला हेड कांस्टेबल और सात महिला कांस्टेबल की तैनाती है। इतनी कम तादाद में पुलिस कर्मियों की तैनाती से आम जन मानस की सुरक्षा राम भरोसे है।
लोगों का मानना है कि पुलिस कर्मियों कम तैनाती अपराध व आपराधिक तत्वों पर अंकुश लगाना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर हो जाती है। इसके लिए सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं। थानाध्यक्ष महुली ने बताया कि सभी सीसी टीवी कैमरे को वाई-फाई के माध्यम से थाने से जोड़ा जाएगा। जिसकी निगरानी थाने से ही की जाएगी। उन्होंने बताया कि इससे अपराध पर अंकुश लगाने में काफी मदद मिलेगी। यह काम एक सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए विशेष अभियान महुली पुलिस की ओर से चलाया जा रहा है।
इन स्थानों पर लगाए जाएंगे कैमरे और बैरियर
अपराधियों पर नकेल कसने के लिए थाना क्षेत्र के सीमावर्ती बॉर्डर जमुहट, भोगीपुर, मोलनापुर, पिडिया बेलहरा, मैनसिर जो गोरखपुर और बस्ती सीमा से लगता है, वहां सीसीटीवी कैमरा और बैरियर लगाकर अपराधियों पर नजर रखने का काम किया जाएगा। इसके अलावा क्षेत्र के अति संवेदनशील मार्गों व कस्बों जैसे महुली, मुखलिसपुर, काली जगदीशपुर में भी सीसीटीवी कैमरा लगाकर आने जाने वाले लोगों की कड़ी निगरानी की जाएगी।
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बस्ती और गोरखपुर जिलों की सीमा को छूता है महुली थाना
महुली थाने का विस्तार इतना है कि एक तरफ वह बस्ती जनपद की सीमा को छूता है, वहीं दूसरी तरफ वह गोरखपुर जनपद की सीमा को छूता है। बस्ती की तरफ देईसाड़ से महुली थाने का इलाका शुरु होता है तो गोरखपुर की तरफ पिड़िया चौराहा संतकबीरनगर का बार्डर है। यह दूरी तकरीबन 30 किलोमीटर है।