सहायक आयुक्त उद्योग ने कताई मिल का किया निरीक्षण किया।
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वर्षों से बंद पड़ी संतकबीर सहकारी कताई मिल मगहर के एक बार फिर से चलने की उम्मीद जगी है। शासन के निर्देश पर शनिवार को मिल के मौजूदा हाल की जांच करने सहायक आयुक्त उद्योग मिल परिसर में पहुंचे। दोबारा चलाए जाने की दृष्टि से उन्होंने बारीकी से मिल का मुआयना किया। नगर पंचायत मगहर में स्थित संतकबीर सहकारी कताई मिल पिछले 17 सालों से बंद है।
मिल बंद हाने के बाद से ही इसमें काम करने वाले मजदूरों की रोजी-रोटी छिन गई और वह दर-दर भटक रहे हैं। केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार होने और योगी आदित्यनाथ के सूबे का मुख्यमंत्री बन जाने के बाद से ही मिल के चालू होने की संभावना जताई जा रही थी। शासन के निर्देश पर सहायक आयुक्त उद्योग उज्जवल सिंह ने बंद पड़ी मिल का शनिवार को स्थलीय निरीक्षण किया। उनके साथ लेखपाल हरिशंकर विश्वकर्मा भी उपस्थित रहे।
सहायक आयुक्त उद्योग ने बताया कि प्रदेश में बंद पड़ी बांदा, बरेली तथा संतकबीरनगर की मिलों का निरीक्षण और आकलन करने का निर्देश मिला है। इसके अलावा मिल की परिसंपत्तियों, उसकी मौके पर वर्तमान स्थिति, वर्तमान समय में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या, मिल के पुन: कार्य करने की संभावना तथा वर्तमान पूंजी एवं घाटा की स्थिति के संबंध में जांच कर उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व खलीलाबाद के विधायक दिग्विजय नारायण ने मिल मजदूरों द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में मिल चालू कराने के संबंध में सीएम से मिलने की बात कही थी। सहायक आयुक्त के निरीक्षण के दौरान मजदूर नेता अशरफ अली, राजेश वर्मा, जोखन यादव, कमाल खां, खदेरू, जल्लू, जितेंद्र तिवारी आदि भी उपस्थित रहे।