संतकबीरनगर। विकास खंड हैंसर के ग्राम मुंडेरा सेमरडाडी में शुरू हुई नौ दिवसीय संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन शुक्रवार को अयोध्याधाम से आए कथा वाचक उपेंद्र पाराशर ने कहा कि भगवान से प्रेम का नाम ही भक्ति है और यही भक्ति मोक्ष के मार्ग को प्रशस्त करती हैं।
उन्होंने कहा कि मनुष्य की शोभा केवल सुंदरता से नहीं, बल्कि उसके उत्तम आचरण से होती है। मनुष्य मात्र को धर्म का पालन और परंपराओं का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने भागवत की महिमा बताते हुए कहा कि जिसका कभी विनाश नहीं होता उसे सत्य कहते हैं। जहां अज्ञान का प्रवेश नहीं और आनंद ही आनंद रहता है, वहीं भागवत रूपी सच्चिदानंद है।
भागवत महात्म्य ज्ञान के बिना प्रेम चिरंजीव नहीं होता। यह कथा जीवन जीने और मृत्यु को मंगलमय बनाने का सम्यक बोध कराती है। उन्होंने श्रोताओं से निर्मल मन और स्थिर चित्त के साथ कथा श्रवण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भगवान की लीलाएं अपरंपार हैं, जो मनुष्य और देवताओं को धर्मानुसार आचरण करने के लिए प्रेरित करती हैं। संवाद