बेलहर कला में चल रहे श्रीराम कथा मौजूद श्रद्धालु-संवाद
लोहरौली। नगर पंचायत बेलहर कला में चल रहे नौ दिवसीय श्री राम कथा के चौथे दिन कथा आचार्य धनंजय मिश्रा ने भगवान राम के जन्म की कथा का वर्णन किया।
कथा व्यास ने कहा कि प्रभु श्री राम भगवान विष्णु के सातवें अवतार हैं। अयोध्या नरेश राजा दशरथ और रानी कौशिल्या के यहां उनका जन्म हुआ था। राम जन्म की कथा वाल्मिकी रामायण और रामचरित मानस दोनों ग्रंथों में वर्णित है। उन्होंने कहा कि राजा दशरथ द्वारा कराए गए पुत्रेष्टि यज्ञ के फलस्वरूप उनकी तीनों रानियों को पुत्र प्राप्ति हुई। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को पुनर्वसु नक्षत्र में जब सूर्य, मंगल, शनि, बृहस्पति और शुक्र उच्च स्थान में थे, कर्क लग्न के उदय काल में माता कौशिल्या के गर्भ से भगवान विष्णु ने श्री राम रूप में अवतार लिया। रानी कैकेयी को भरत की प्राप्ति हुई। मां सुमित्रा को लक्ष्मण और शत्रुघ्न की प्राप्ति हुई। कथा व्यास ने बताया कि राम जन्म की कथा एक ऐतिहासिक घटना है। यह हिंदू धर्म और संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। राम का जन्म धर्म और न्याय की स्थापना की।