संतकबीरनगर। नोटबंदी के बाद अब भी ग्रामीण क्षेत्रों के बैंकों और एटीएम में कैश की किल्लत बनी हुई है। सांथा क्षेत्र के पूर्वांचल बैंक लोहरसन में कैश नहीं मिलने से नाराज लोगों ने लोहरसन-सांथा मार्ग करीब एक घंटे तक जाम रखा।
वहीं लोगों का गुस्सा देखकर बैंक कर्मी बैंक में ताला लगाकर चले गए। हालांकि शहर के अधिकतर बैंकों में लेनदेन हुआ और एटीएम से भी कैश मिला। सांथा प्रतिनिधि के अनुसार बृहस्पतिवार को ब्लॉक क्षेत्र के लोहरसन पूर्वांचल बैंक पर कैश नहीं मिलने से नाराज लोगों ने लोहरसन-सांथा मार्ग को एक घंटे जाम रखा।
जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस सड़क जाम कर रहे लोगों को किसी तरह समझाकर शांत कराई। तब जाम हटा। लोहरसन पूर्वांचल बैंक लाइन में लगी सकरून्निशा, गुलाम नवी, झिनका देवी, सोनमती, शमसुद्दीन, कमलावती देवी, मालती, जुबेर अहमद आदि ने कहा कि लोगों को कैश ही नहीं दिया गया।
इससे सड़क जाम करने के लिए मजबूर होना पड़ा। ग्रामीणों के गुस्से को देखकर बैंक कर्मी बैंक पर ताला लगाकर हट गए। दूसरी तरफ शहर में स्टेट बैंक के विकास भवन शाखा पर भी कैश न होने के कारण भुगतान नहीं हुआ।
यहां का एटीएम भी दिनभर बंद रहा। इससे काफी लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। जबकि स्टेट बैंक मुख्य शाखा, एक्सिस बैंक, ओरियंटल बैंक आफ कामर्स, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी बैंक, यूनियन बैंक , बैंक ऑफ बड़ौदा आदि में लेनदेन हुआ। इन बैैंकों के एटीएम भी चालू रहे। इससे कुछ हद तक लोगों को राहत मिली।
हालांकि पूर्वांचल बैंक की 51 शाखाओं में से 35 शाखाओं में कैश नहीं था। हरिहरपुर प्रतिनिधि के अनुसार नगर पंचायत हरिहरपुर स्थित पोस्ट आफिस का ताला बृहस्पतिवार की सुबह 11 बजे तक नहीं खुला था। रजिस्ट्री और अन्य कार्यों से पहुंचे लोग कर्मचारियों का इंतजार करते रहे।
बेलवाडाड़ी गांव निवासी अखिलेश त्रिपाठी, परदेसी, अरविंद ने बताया कि वे लोग हरिहरपुर स्थित पोस्ट आफिस पर सुबह 10:30 बजे रजिस्ट्री करने पहुंचे, लेकिन पोस्ट आफिस का ताला बंद रहा। लगभग 10:45 बजे डाक लेकर गाड़ी भी पहुंच गई। तब तक कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा था।
अखिलेश त्रिपाठी बताया कि लगभग रोज का यही हाल है। साढे़ ग्याहर बजे जब कर्मी पहुंचे, तब जाकर पोस्ट आफिस का ताला खुला। पूर्वांचल बैंक की क्षेत्रीय प्रबंधक बृजमोहनी देवी ने बताया कि 16 शाखाओं को तीन-तीन लाख रुपये दिए गए थे। उन्होंने बताया कि शुक्रवार के लिए अभी तक कैश की व्यवस्था नहीं हो सकी है।