राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर संगठन से जुड़े कर्मचारियों ने शुक्रवार को दफ्तरों में तालबंद कर विकास भवन में एकत्र हुए। यहां भी विकास भवन गेट पर पहले ताला बंद कर धरना दिया। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार और तालाबंदी की वजह से अधिकारी भी दफ्तर में नहीं घुस पाए। जिसकी वजह से जरूरी काम से आने वाले फरियादी भटकते नजर आए।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष शक्ति विकास उपाध्याय ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें प्रदेश स्तर पर लंबित हैं। छठवें वेतन आयोग की वेतन विसंगतियों एवं एसीपी आठ,16 और 24 वर्ष पर प्रोन्नत पद पर ग्रेड पे देने की मांग की जा रही है। वेतन विसंगतियों को दूर करते हुए एक जनवरी 2016 से लागू करने और लिपिक संवर्ग का ग्रेड पे उच्चीकृत करने, वाणिज्य कर, कृषि विभाग एवं समस्त विभागों का कैडर रिव्यू करने, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की भर्ती पर लगी रोक हटाने की मांग की जा रही है।
शिक्षेणत्तर कर्मियों को राज्य कर्मियों की भांति 300 दिवस के अर्जित अवकाश का नकदीकरण प्रदान किए जाने के अलावा पेंशन व्यवस्था बहाल करने मांग की जा रही है। यदि मांगे पूरी नहीं हुई तो कर्मचारी चुप नही बैठेंगे। अध्यक्ष ग्राम्य विकास मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन प्रवीण कुमार यादव ने कहा कि कर्मचारी मेडिकल अवकाश का प्रार्थना पत्र देते है तो तत्काल स्वीकृत नहीं किया जाता है। ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। जो कर्मचारियों की समस्याएं हैं, उसके निकारण के लिए तहसील और ब्लॉक स्तर पर कार्यालय खोला जाएगा।
किसी भी कर्मचारी के साथ यदि अन्याय हुआ तो संगठन चुप नहीं बैठेगा। जो कर्मचारी उत्कृष्ट कार्य किए है, उन्हें सम्मानित किया जाएगा। धरने में उत्तर प्रदेश प्रयोगशाला सहायक ग्राम्य एसोसिएशन के कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, पीडब्ल्यूडी, एआरटीओ, कलेक्ट्रेट, स्वास्थ्य, सफाई कर्मचारी और विशिष्ट बीटीसी संगठन के पदाधिकारियों ने अपना समर्थन दिया। इस दौरान बद्री प्रसाद श्रीवास्तव, असफाक अहमद, सतीश चंद्र श्रीवास्तव, लालचंद्र चौहान, अवधेश अग्रहरि, अमित कुमार त्रिपाठी,अनिल सिंह,दुर्गेश कुमार मिश्र, जाकिर हुसेन आदि उपस्थित रहे।