बिना गुरु बंट रहा है ज्ञान
जिले के आठ स्कूलों में ताला, चार उधार के शिक्षकों के भरोसे
50 से अधिक विद्यालयों में केवल एक ही शिक्षक की है तैनाती
बंद परिषदीय विद्यालयों को खोलने का प्रयास नहीं कर रहा विभाग
संतकबीरनगर। जिले के अधिकतर परिषदीय विद्यालयों में बिना गुरु के ज्ञान बंट रहा है। स्थिति यह है कि शिक्षक नहीं होने से जिले के आठ परिषदीय विद्यालयों में ताला लगा दिया गया है। चार विद्यालय उधार के शिक्षकों के भरोसे संचालित किए जा रहे हैं। करीब 50 विद्यालय ऐसे हैं, जिसमें केवल एक ही शिक्षक हैं। ऐसे में बेहतर शिक्षा का दावा खोखला साबित हो रहा है।
जिले में 1247 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 805 प्राथमिक, 192 उच्च प्राथमिक और 250 कंपोजिट विद्यालय हैं। अधिकतर विद्यालयों में मानक से अधिक शिक्षक तैनात हैं। 30 विद्यार्थियों की संख्या पर एक शिक्षक की तैनाती होनी चाहिए। जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या 100 है, वहां पांच से अधिक शिक्षकों की तैनाती की गई है।
नाथनगर ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय मुडियारी और उच्च प्राथमिक विद्यालय गौराकला में करीब दो साल से शिक्षक नहीं हैं। इस कारण दोनों विद्यालय बंद हैं। पौली ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय माझा चहोड़ा और उच्च प्राथमिक विद्यालय गागरगाड़ में तीन साल से ताला लटक रहा है। इन विद्यालयों में तैनात शिक्षकों का तीन वर्ष पहले गैर जनपद स्थानांतरण हो गया। तबसे इन विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई है।
इसी तरह हैंसर ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय गायघाट दक्षिणी में शिक्षक नहीं होने की वजह से ताला लगा है। सांथा ब्लॉक उच्च प्राथमिक विद्यालय बरघाट और उच्च प्राथमिक विद्यालय अतरी नानकार में शिक्षक नहीं हैं। इन विद्यालयों में दूसरे विद्यालयों के शिक्षकों को अटैच किया गया है। बघौली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय शाहपुर में तैनात शिक्षक वर्ष 2018 से अनुपस्थित हैं। इनका निलंबन भी हो चुका है। दूसरे शिक्षक की तैनाती नहीं की गई है।
मेंहदावल ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय खड़वरियां में शिक्षक की तैनाती नहीं है। एक शिक्षक संबद्ध हैं। मुड़ियारी गांव के रामजीत, शंकर ने बताया कि विद्यालय बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बगल के गांव में बच्चों को भेजना पड़ता है। कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों से विद्यालय खुलवाने की मांग की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। संवाद
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जिले में बंद परिषदीय विद्यालयों की सूचना बीआरसी से मांग गई है। बंद विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। जहां मानक से अधिक शिक्षक तैनात हैं, वहां से हटाया जाएगा।
- अतुल कुमार तिवारी, बीएसए