- जर्जर हो गए हैं कांशीराम आवास के भवन
-करीब एक हजार परिवार रहते हैं
- इंडिया मार्का हैंडपंप खराब तो नालियां टूटी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। बसपा के शासन में प्राथमिकता में रहा कांशीराम आवास बदहाल हो गया है। भवन जर्जर हो गए हैं। हद तो यह है कि कुछ भवनों को बांस-बल्ली लगाकर गिरने से रोका गया है। ऐसे में यहां रहने वाले करीब एक हजार परिवारों पर खतरा मड़रा रहा है। स्थिति यह है कि सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ भी नहीं हैं।
शहरी गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के लिए बसपा के शासनकाल में वर्ष 2008-09 में कांशीराम आवास का निर्माण कराया गया। यहां एक हजार आवास बनवाए गए। प्रति आवास पर एक लाख 75 हजार रुपये के हिसाब से 17 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च किए गए। आवास निर्माण के बाद एक हजार परिवारों को आवास का आवंटन किया गया।
स्थिति यह है कि देखरेख के अभाव में भवन जर्जर हो गए हैं। डेढ़ साल पहले एक आवास का छज्जा टूट गया था। इसके चलते कई परिवार फंस गए थे। बाद में पालिका प्रशासन ने जेसीबी से लोगों को सुरक्षित निकलवाया था। लेकिन भवन की मरम्मत अब तक नहीं हो सकी है। परिसर के एक आवास में बांस-बल्ली के सहारे टेक देकर भवन को गिरने से रोका गया है।
तत्कालीन डीएम प्रेम रंजन सिंह व सदर विधायक अंकुरराज तिवारी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था। संबंधित अधिकारियों को मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे लेकिन अब भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। जल निकासी के लिए परिसर में बनी नालियां टूट गई हैं। जिससे जल निकासी व्यवस्था चौपट हो गई है। साफ-सफाई व्यवस्था भी बदहाल है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। परिसर में करीब 25 इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं लेकिन इनमें से करीब 10 इंडिया मार्क हैंडपंप खराब हो गए हैं।
यहां के निवासी जितेंद्र कुमार, रिजवान, चंदन आदि ने बताया कि परिसर में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। परिसर की सड़कें टूट चुकी हैं। इन समस्याओं का निस्तारण होना चाहिए।
कांशीराम आवास की समस्याओं के निस्तारण के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। पानी की समस्या को दूर करने के लिए वाटर कूलर लगाया गया है। सफाई कर्मियों को नियमित सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
-विनय कुमार मिश्र- ईओ खलीलाबाद