दोषी सास को दो वर्ष का साधारण कारावास और साक्ष्य के अभाव में जेठानी हुई दोषमुक्त
धनघटा थाने के कटहा उर्फ भिटहा गांव का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम महेंद्र कुमार सिंह ने गला काट कर पत्नी की हत्या करने के दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 31,000 रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर 20 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके साथ ही मृतका से दहेज मांगने व प्रताड़ित करने के मामले में दोषी पाई गई सास को दो वर्ष की साधारण सजा सुनाई, साथ ही 6000 रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जबकि दौरान विचारण आरोपी ससुर मेवालाल की मृत्यु हो गई तथा विवेचना से प्रकाश में आरोपी बनाई गई जेठानी संगीता को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अभिमन्यु पाल ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के जगदीशपुर उर्फ़ लहुरादेव निवासी पीड़ित भाई ऋषिकांत पुत्र भरत चौहान ने धनघटा थाने में तहरीर दी। जिसमें कहा कि उसकी बहन 22 वर्षीय सीमा की शादी वर्ष 2011 में रवीश पुत्र मेवालाल चौहान निवासी कटहा उर्फ भिटहा थाना धनघटा के साथ हुई थी। गवना वर्ष 2013 में हुआ। बहन विदा होकर ससुराल आई। हम लोग बहन को सामर्थ्य के अनुसार उपहार स्वरूप भेंट दिए, लेकिन बहन को पति रवीश, ससुर मेवालाल तथा सास बरसाती पत्नी मेवालाल कम दहेज लाने की बात को लेकर तरह-तरह से प्रताड़ित करते थे। दहेज में मोटरसाइकिल, सोने की चेन की मांग करते थे, जब भी हम लोग अपनी बहन से मिलने उसकी ससुराल जाते थे तो बहन रो-रो कर बताती थी। 15 अगस्त 2015 की रात पति रवीश तथा ससुर मेवालाल व सास बरसाती ने मिलकर दहेज की मांग को लेकर उसकी बहन का गला धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दिए तथा उसके ससुर ने फोन करके हम लोगों को बताया कि आपकी बहन की तबीयत खराब है, उसे मलौली अस्पताल 108 नंबर एंबुलेंस से लेकर जा रहे हैं। पुनः बताया कि उसकी मौत हो गई है। सूचना पाकर वे लोग मालौली अस्पताल पहुंचे तो बहन का शव रखा था। पुलिस ने पति रवीश, ससुर मेवालाल, सास बरसाती के विरुद्ध केस दर्ज किया है। विवेचना से जेठानी संगीता का नाम प्रकाश में आया है। विवेचक ने विवेचना के बाद आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र प्रेषित किया। दौरान विचारण गवाहाें की गवाही कराई गई। कोर्ट ने पति रवीश को दोष सिद्ध पाते हुए हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा सुनाई तथा 31,000 रुपये अर्थ दंड से दंडित किया। अर्थ दंड न अदा न करने पर बीस माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके साथ ही सास बरसाती देवी को दो वर्ष की साधारण कारावास तथा 6000 रुपये अर्थ दंड से दंडित किया। अर्थ दंड अदा न करने पर चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके साथ जेठानी संगीता देवी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।