संतकबीरनगर। सत्र न्यायाधीश मोहनलाल विश्वकर्मा ने गर्भवती पत्नी की हत्या के दोषी कोतवाली थाना खलीलाबाद के ग्राम विश्वनाथपुर टोला रईमा निवासी अमरीश को मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। जबकि साक्ष्य के अभाव में सास, ससुर, ननद और जेठ-जेठानी को बरी कर दिया।
रामअशीष निवासी रेवडा विजयपुर थाना हरपुर बुदहट जिला गोरखपुर ने छह मई 2023 को थाना खलीलाबाद में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उनकी बेटी रागिनी की शादी 24 मई 2022 को कोतवाली थाना खलीलाबाद के अंतर्गत ग्राम विश्वनाथपुर टोला रईमा निवासी अमरीश पुत्र रामलौट से हुई थी। शादी के एक माह बाद ही ससुराल वाले चार लाख रुपये और बुलेट की मांग करने लगे।
दहेज को लेकर पति अमरीश, ससुर रामलौट, सास, ननद, जेठ-मनोज, मनीष, जेठानी प्रिंस, मनीषा प्रताड़ित करने लगे। उनकी बेटी चार माह की गर्भवती थी। पांच मई 2023 की रात आरोपियों ने रागिनी की गला दबाकर हत्या कर दी और दवा के बहाने सदर हास्पिटल लेकर आए। इस मामले में दहेज हत्या का मुकदमा पंजीकृत हुआ। अभियोजन की तरफ से कुल 7 साक्षियों का साक्ष्य कराया गया।
मामले की परिस्थितियों को देखते हुए सत्र न्यायाधीश मोहनलाल विश्वकर्मा ने पति अमरीश यादव को हत्या के अपराध में सश्रम आजीवन कारावास और 25000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।