संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की अदालत ने नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में दोषी पाए जाने पर विनोद सोनकर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही पांच हजार रुपये अर्थ दंड भी लगाया है।
पीड़िता के पिता ने थाना महुली पुलिस को 26 अप्रैल 2025 को तहरीर दी कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को आरोपी बहला फुसलाकर कई महीनों से शारीरिक संबंध बनाता रहा। उसकी लड़की के गर्भवती होने पर उसको व उसके परिवार को जानकारी हुई। पूछने पर लड़की ने बताया कि आरोपी ने उसे डरा धमका कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया। 20 अप्रैल 25 को समय करीब 6 बजे आरोपी से पूछा गया तो आरोपी ने उसे अपशब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी दी।
थाना महुली में आरोपी के विरुद्ध केस दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना के उपरांत आरोपी के विरुद्ध 7 मई 2025 को न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। अभियोजन पक्ष ने मामले को साबित करने के लिए छह लोगों को कोर्ट में परीक्षित कराया व 10 अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किए।
अदालत ने मामले में मामले में पक्षों की बहस सुनने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर थाना नाबालिग से दुष्कर्म करने व जान माल की धमकी देने के मामले में दोषी छह बच्चों का पिता विनोद सोनकर को आजीवन कारावास व पांच हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किए। नालसा स्कीम में पीड़िता को सात हजार देने का आदेश दिया है।