संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की अदालत ने नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर संबंध बनाने और गर्भवती होने पर पीड़िता की सहमति के बिना दवा खिलाकर गर्भपात कराने के मामले में दोषी वीरेंद्र यादव को पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया। घटना के समय पीड़िता की उम्र 18 वर्ष से कम थी।
पीड़िता की मां ने 27 जून 2023 को थाना धनघटा पुलिस को तहरीर दिया कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री जो कक्षा 8 तक पढ़ी है। उसका अवैध संबंध कुछ माह पूर्व आरोपी से हो गया। जब उसकी पुत्री को पता चला कि गर्भ ठहर गया तो आरोपी ने उसको दवा दिया जिससे 22 जून 2023 को उसका गर्भपात हो गया। थाना धनघटा में केस दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना के उपरांत आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की अदालत में आरोपी ने आरोप से इन्कार किया और विचारण की मांग की। मामले में अभियोजन पक्ष से पीड़िता सहित आठ गवाहों ने गवाही दी। बचाव पक्ष से न ही किसी गवाह को पेश किया गया और न ही कोई अभिलेखीय साक्ष्य दाखिल किया गया। मामले में कोर्ट ने थाना धनघटा अंतर्गत ग्राम निवासी दोषी वीरेन्द्र यादव को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किया।