एलआईसी के कर्मचारियों ने एफडीआई के विरोध में किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर बृहस्पतिवार को विभिन्न मांगों के समर्थन में भारतीय जीवन बीमा निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों ने कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान बीमाकर्मियों ने बीमा क्षेत्र में 74 फीसदी एफडीआई का विरोध किया।
शाखा के इकाई मंत्री कामरेड बालमुकुंद तिवारी ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों के हाथ की कठपुतली बनी हुई है। सरकार एलआईसी में आईपीओ लाकर बीमा क्षेत्र में 74 प्रतिशत एफडीआई लाकर संस्था को पूंजीपतियों के हाथ में बेचना चाहती है, जिसे भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मी और बीमा धारक कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। बीमा अधिकारी संगठन के सुहैल अहमद ने कहा कि देश की जनता महंगाई से कराह रही है। डीजल, पेट्रोल व रसोई गैस की बढ़ती हुई कीमतों पर सरकार तत्काल रोक लगाए। संगठन के अध्यक्ष अशोक कुमार राय ने कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों जैसे रेलवे, एयरपोर्ट, बैंकों एवं तेल कंपनियों के निजीकरण की नीति को तत्काल वापस लें नहीं तो कर्मचारी आरपार की लड़ाई के लिए बाध्य होंगे। संयुक्त मंत्री गोपाल शरण पाठक ने कहा देश में बेरोजगारी बढ़ रही है। खाली पदों पर भर्तियां अतिशीघ्र किया जाए। एससीएसटी संगठन के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष महातम प्रसाद ने श्रम कानूनों में संशोधन के नाम पर मजदूरों एवं कर्मचारियों को बेवकूफ बनाने का काम तत्काल प्रभाव से बंद किए जाने की मांग की। इस दौरान जगदीश प्रसाद, महबूब अली अंसारी, महेंद्र सिंह, नीरज यादव, सदानंद उपाध्याय, सदानंद, आदिती मिश्रा, श्वेता यादव, अनुपमा, कंचन कुमारी, रुचि त्रिपाठी, अमित मौर्या, हरिचरण यादव, सौरव यादव, शशांक त्रिपाठी, सौम्या मिश्रा, दीनानाथ गौड़, पवन कुमार गौड़, अभिषेक श्रीवास्तव, इंद्रनील कुमार, भूपेंद्र जी, सदानंद, गिरीश चौधरी, राम ललित, हीरा प्रसाद, लल्लन प्रसाद पांडेय, सीके शुक्ला, राजेश सिंह, नीरज अवस्थी, संजीव कुमार, उमेश प्रताप सिंह, हरी प्रताप शाही आदि उपस्थित रहे।