संतकबीरनगर। शासन की मंशा है कि परिषदीय स्कूलों के बच्चों को अंग्रेजी, गणित और विज्ञान में निपुण बनाने के साथ उनमें संस्कार और साहस भी पैदा किया जाए। इसी उद्देश्य से प्राथमिक स्कूलों में स्थापित लाइब्रेरी कॉर्नर को प्राचीन कहानियों की पुस्तकों से भरने का निर्णय लिया गया है। लाइब्रेरी कॉर्नर के लिए प्राथमिक स्तर और जूनियर स्तर की अलग-अलग पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।
शासन की ओर से स्कूलों में शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार का निर्णय लिया गया है। इसके तहत समय-समय पर स्कूलों में तरह-तरह की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। जिले के सभी परिषदीय स्कूलों में तीन साल पहले लाइब्रेरी कॉर्नर (पुस्तकालय कोना) स्थापित किया गया था। इसमें कुछ किताबें भी उपलब्ध कराई गई थी। अब शासन ने लाइब्रेरी कॉर्नर को विकसित करने का निर्णय लिया है। क्वालिटी ऑफ स्कूल कार्यक्रम के तहत बेसिक शिक्षा विभाग को प्राथमिक स्तर के लिए 29 कहानियों की जबकि उच्च प्राथमिक स्तर पर 58 कहानियों की पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।
बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि जल्द ही किताबें आ जाएंगी तो उन्हें विद्यालयों पर भेज दिया जाएगा। छात्रों को ये किताबें स्कूल और घर पर पढ़ने के लिए प्रधानाध्यापक की सहमति से उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए अलग से एक रजिस्टर तैयार होगा। कौन सी किताब किस छात्र को आवंटित की गई और उसने कब वापस की इसका पूरा लेखा-जोखा रहेगा।
राजाओं के साहस और जीवन सफलता की मिलेगी जानकारी
लाइब्रेरी कॉर्नर विकसित होने से छात्र-छात्राओं का ज्ञान बढ़ेगा। लाइब्रेरी कॉर्नर में देशी और विदेशी प्राचीन राजाओं के साथ ही समय-समय पर अपनी वीरता का परिचय दिखाने वाले लोगों की कहानियों की पुस्तकों को स्थान दिया गया है। इसके साथ ही पौधों, पक्षियों और पशुओं से मानव का नाता से संबंधित कहानियों की पुस्तकों को चुना गया है। मानव कर्तव्य और मां का प्यार आदि शीर्षक की पुस्तकें भी इसमें शामिल की गई हैं।