उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर मंगलवार को जिले के तहसील परिसरों में लेखपालों ने धरना दिया। इस दौरान लेखपालों ने नगर विकास मंत्री आजम खां के उस बयान की निंदा की, जिसमें उन्होंने लेखपालों को भ्रष्ट कहा था। लेखपालों ने कहा कि आजम खां लेखपालों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी सदर को दिया गया।
लेखपाल संघ के बैनर तले लेखपाल सुबह दस बजे तहसील परिसर पहुंचे और धरना पर बैठ गए। धरना की अध्यक्षता करते हुए संघ के अध्यक्ष हरिशंकर विश्वकर्मा ने कहा कि नगरीय विकास मंत्री आजम खां का बयान अमर्यादित है, जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को इस प्रकार का बयान नहीं देना चाहिए।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष विजय प्रताप पाल ने आजम खां के बयान की कडे़ शब्दों में निंदा की और कहा कि नगरीय विकास मंत्री को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लेखपालों के धरना-प्रदर्शन को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का पूर्ण समर्थन है। धरना में सुशील कुमार श्रीवास्तव, श्रवण कुमार, शीतला प्रसाद, सुशील कुमार श्रीवास्तव, सत्तार अली, विंध्याचल लाल, कुमारी आयुषी, राजेश कुमार चौधरी, अर्जुन पाठक, चंद्रभूषण, प्रेमशंकर लाल, रामचंद्र, विनोद पटेल, सिद्धू यादव, कैलाश, प्रवीण राय, दिग्विजय नाथ, चंद्रप्रकाश पांडेय, इम्तियाज अहमद, रामफेर, गिरिजाशंकर, राम सुमेर, मोहम्मद अयूब आदि शामिल रहे।
वहीं हैंसर प्रतिनिधि के अनुसार, धनघटा तहसील में भी मंगलवार को लेखपालों ने कार्य नहीं किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को देकर विरोध जताए। संघ के जिलाध्यक्ष बुद्धिराम चौधरी ने कहा कि लेखपाल शासन की विभिन्न योजनाओं और कार्यों में सहयोग करते हैं। बावजूद इसके एक मंत्री द्वारा संवर्ग को अपशब्द कहा जा रहा है। मुख्यमंत्री को ऐसे लोगों की टिप्पणी पर रोक लगाने की जरूरत है। इस मौके पर ध्रुवचंद्र चौधरी, श्रीधर पांडेय, अभिषेक कुमार श्रीवास्तव, जुग्गीलाल, रामलगन मौर्य, मोहम्मद इलियास, वसी मुहम्मद, प्रहलाद आदि लोग मौजूद रहे।
मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार अन्य तहसीलों की तरह ही यहां भी लेखपालाें ने धरना देकर मंत्री के बयान पर नाराजगी जताई। तहसील अध्यक्ष शेषदत्त त्रिपाठी और मंत्री सुधीर कुुमार ने बताया लेखपाल संवर्ग राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण व सम्मानित अंग है। यह संवर्ग विभिन्न कार्यों को ईमानदारी के साथ निभाता है। ऐसे में वे किसी भी दशा में संवर्ग के लिए अमर्यादित भाषा का प्रयोग बर्दास्त नहीं करेंगे। इस अवसर पर राजेंद्र प्रसाद, केशरी त्रिपाठी, रामखियाली, रामप्रसाद मिश्र, सुरेश चंद्र, अब्दुल मुफीद, अश्वनी प्रसाद गुप्ता मौजूद रहे।