संतकबीरनगर। जनपद में घूसखोरी का सिलसिला थम नहीं रहा है। खलीलाबाद तहसील परिसर से लेखपाल रामअवध सिंह को एंटी करप्शन की टीम के गिरफ्तार करने के बाद एसडीएम अरुण कुमार वर्मा ने उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
वहीं बखिरा पुलिस ने शनिवार को आरोपी लेखपाल को गोरखपुर के कोर्ट में प्रस्तुत किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पिछले साल ही जिले में रिश्वतखोरी के आधा दर्जन से ज्यादा मामले सामने आए थे। जिनमें ट्रैप टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था।
सरकारी विभागों में घूसखोरी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। घूसखोरी से तंग आकर शिकायत कर्ता एंटी करप्शन टीम के पास अपनी शिकायत लेकर पहुंच रहा है। शिकायत मिलने के बाद टीम अपना जाल बिछाकर आरोपी को पकड़कर जेल भेजती है।
कुछ समय तक मामला गरम रहता है और बाद में मामला ठंड़ा पड़ते ही पुरानी घटनाओं से सबक न लेकर फिर से सरकारी महकमों में कर्मचारी घूसखोरी का धंधा चालू कर देते हैं। जनपद में चंकबंदी, बिजली निगम, शिक्षा, पुलिस विभाग समेत कई दफ्तरों में रिश्वतखोरी की शिकायत आती रहती है। उक्त विभाग के कई लोगों को ट्रैप टीम पकड़कर जेल भी भेज चुकी है।
खलीलाबाद तहसील में तैनात लेखपाल रामअवध सिंह ने जमीन पैमाइश के नाम पर पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। जिसे एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ पकड़ा था। एसडीएम अरूण कुमार वर्मा ने बताया कि लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है।