लेख्ापालाें ने ध्ारना दिया।
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उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर बृहस्पतिवार को लेखपालों ने तीनों तहसीलों में कार्य बहिष्कार किया और कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना दिया। इस दौरान लेखपालों ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार व प्रशासन लेखपालों की समस्याओं व मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। लेखपालों ने चेतावनी दी कि धरना छह सितंबर तक चलेगा।
जिलाध्यक्ष बुद्धिराम चौधरी ने कहा कि लेखपाल कई दिन से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। बीते 30 अगस्त को लेखपाल विधान सभा का घेराव करने लखनऊ भी गए, लेकिन शासन की उपेक्षा के कारण वार्ता विफल रही। ऐसे में निर्णय लिया गया कि छह सितंबर तक कार्य बहिष्कार कर धरना दिया जाएगा। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट पर धरना दिया जा रहा है। जिला मंत्री शीतला प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा कि पांच सितंबर को कैंडिल मार्च निकाला जाएगा।
अगले दिन छह सितंबर को धरना स्थल पर बुद्धि शुद्धि यज्ञ किया जाएगा। उन्होंने लेखपालों को पदोन्नति देने, वेतन विसंगतियां दूर करने तथा पुरानी पेंशन व्यवस्था करने आदि की मांग की। धरने में शेषदत्त त्रिपाठी, सुधीर कुमार गुप्ता, हरिशंकर विश्वकर्मा, सुनील कुमार श्रीवास्तव, ध्रुवचंद्र चौधरी, अभिषेक कुमार, श्रवण कुमार, राम चरन, चंद्रभूषण, श्रीधर पांडेय, प्रमोद कुमार, जुग्गीलाल, राम लगन चौधरी, सुशील कुमार श्रीवास्तव, राकेश श्रीवास्तव, कुमारी आयुषी, दयाराम त्रिपाठी, विजय प्रताप पाल आदि शामिल रहे।