एसपी ने फरमान जारी किया है कि जिला बदर घोषित गुंडे जनपद छोड़ दें, वरना पुलिस उनके घरों का दरवाजा खटखटाएंगी। यदि घर पर या जनपद की सीमा में कही भी निवास करते पाए गए तो उन्हें जेल भेजा जाएगा। जिला बदर घोषित किए गए 52 गुंडों की निगरानी कराने की जिम्मेदारी एएसपी को सौंपी है। एएसपी के निर्देशन में समस्त थाना क्षेत्रों की पुलिस रात्रि में ऐसे लोगों की धरपकड़ के लिए छापेमारी करेगी।
एसपी हीरालाल ने बताया कि डीएम और एडीएम कोर्ट के जरिए जिले के अलग-अलग जगहों के रहने वाले 52 गुंडे जिला बदर घोषित किए जा चुके है। छह माह की अवधि तक गुंडे जिले की सीमा में निवास नहीं कर सकते है। ऐसे में जिला बदर घोषित हुए लोग जनपद छोड़ दें। खलीलाबाद क्षेत्र के नौ लोग, दुधारा क्षेत्र के नौ लोग धनघटा क्षेत्र के पांच लोग, महुली क्षेत्र के नौ लोग, मेंहदावल क्षेत्र के नौ लोग, बखिरा क्षेत्र के नौ लोग और धर्मसिंहवा क्षेत्र के तीन लोग जिला बदर घोषित हो चुके हैं।
एसपी ने कहा कि जिला बदर घोषित अपराधियों की निगरानी के लिए एलआईयू को भी लगाया गया है। जबकि गिरफ्तारी के लिए संबंधित थाना क्षेत्रों की पुलिस के साथ स्वाट टीम भी निगरानी रखेगी। सर्किल सीओ को निर्देश दिया गया है कि वह अपने क्षेत्र के थानों के प्रभारियों के कार्यों की मानीटरिंग करे और यह सुनिश्चित करें कि उस इलाके के रहने वाले जिला बदर घोषित गुंडे कहीं घर अथवा क्षेत्र में तो नहीं निवास कर रहे है। उनकी गिरफ्तारी के लिए सतत प्रयास होता रहे। पकड़े जाने के बाद उन्हें जेल भेजा जाए।