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Sant Kabir Nagar News: जंगल की जमीन के पट्टे होंगे निरस्त, वन विभाग के खाते में दर्ज होगी

Thu, 29 Jan 2026 02:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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संतकबीरनगर। खलीलाबाद के धौरहरा में जंगल की जमीन का पट्टा आवंटन की जांच पूरी हो चुकी है। इसमें लगभग 50 लोगों को पट्टा आवंटित हुआ था। अब यह पट्टा निरस्त होगा और जंगल के खाते में जमीन दर्ज की जाएगी। इसको लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है। एडीएम ने जांच पूरी कर डीएम को रिपोर्ट सौंपने की बात कही है।
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बता दें कि खलीलाबाद तहसील के धौरहरा गांव में जंगल की 50 बीघा जमीन है। इसमें 20 गाटे हैं। इस जमीन का पट्टा आवंटन किया गया है। यह सन 1970 का मामला है। गांव के एक व्यक्ति ने अपने पट्टे वाली जमीन को एक रिटायर्ड नायब तहसीलदार को बेचा दिया। लेकिन, अभी रिटायर्ड नायब तहसीलदार को इस पर कब्जा नहीं मिला है। जब उन्हें कब्जा नहीं मिला तो उन्होंने दिसंबर में डीएम कोर्ट में पट्टा आवंटन निरस्त करने की अपील की। पत्रावली देखने से डीएम आलोक कुमार को पता चला कि यह जंगल की जमीन है।
डीएम ने जंगल की जमीन के पट्टे पर ही सवाल उठा दिया। जंगल की जमीन का पट्टा होने की सूचना पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। इसके बाद डीएम ने पूरे प्रकरण की जांच एडीएम न्यायिक को सौंप दी। करीब एक माह तक चली जांच में यह पट्टा अवैध पाया गया। इसमें करीब 50 लोगों का पट्टा होना मिला है। जांच रिपोर्ट में पट्टा निरस्त कर उसको फिर से जंगल की जमीन के खाते में दर्ज करने की तैयारी है।
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पट्टा करने वाले अधिकारी हो चुके हैं रिटायर्ड
वर्ष 1970 और 1975 में पट्टा करने वाले लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार, एसडीएम आदि रिटायर हो चुके है। इसके साथ ही कुछ लोग अब इस दुनिया में भी नहीं है। जिसकी वजह से अब इन पर कार्रवाई नहीं होगी। एडीएम के अनुसार अब सिर्फ पट्टा निरस्त कर जमीन को जंगल के खाते में दर्ज किया जाएगा।
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इन व्यक्तियों को हो सकता है पट्टा आवंटन
- खेतिहर मजदूर अनुसूचित जाति, जनजाति का हो और वह गांव का ही हो।

- ग्राम शिल्पी, जिसके पास अपनी कोई जमीन न हो,
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दो प्रकार की होती है जंगल की जमीन
- वन विभाग के जंगल की जमीन
- ग्राम सभा की जंगल की जमीन


जंगल की जमीन का नहीं हो सकता पट्टा आवंटन
तहसील कर्मियों का कहना है कि जो वन विभाग के जंगल की जमीन होती है उसका पट्टा आवंटन नहीं हो सकता है। अगर यह हुआ है तो इसमें तहसील कर्मियों की मिलीभगत हो सकती है। कई ऐसी जमीन है, जिनकी जानकारी सामान्य लोगों को नहीं है और न उस विभाग को ही है। अब मामला खुला है तो इसमें कई कर्मचारी व अधिकारी फंस सकते हैं।

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धौरहरा गांव में जंगल की जमीन के पट्टा आवंटन मामले की जांच पूरी हो चुकी है। इसमें करीब 50 लोगों को पट्टा आवंटित हुआ है। जो नियम विरुद्ध है। जंगल की जमीन का पट़्टा नहीं हो सकता है। पट्टा निरस्त किया जाएगा। यह जमीन वन विभाग के जंगल के खाते में दर्ज की जाएगी। रिपोर्ट तैयार है। इसे डीएम को सौंपा जाएगा। -चंद्रकेश सिंह, एडीएम न्यायिक
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