धनघटा। तहसील में अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण वादकारियों को काफी परेशानी हो रही है। उनको केवल तारीख पर तारीख मिल रही है, मामले का निबटारा नहीं हो पा रहा है। हर तारीख पर वादकारी तहसील पहुंचता है और अगली तारीख लेकर वापस लौट आता है। हर बार निराशा ही हाथ लग रही है।
उप निबंधक कार्यालय को तहसील में स्थापित करने की मांग को लेकर धनघटा तहसील के अधिवक्ता पिछले छह माह से हड़ताल पर हैं। उप निबंधक कार्यालय का निर्माण भी लगभग पूरा हो गया है लेकिन हड़ताल जारी है।
अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते न केवल खारिज दाखिल का कार्य प्रभावित हो रहा है। बल्कि अन्य मामले भी प्रभावित हैं। वकीलों की हड़ताल की वजह से धारा 116 अर्थात बंटवारे के ही 210 मामलों पर ही कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। फरियादी आते हैं, अधिवक्ता को फीस देकर और तारीख लेकर वापस लौट जाते हैं। धारा 34 अर्थात नामांतरण के 1,637 मामले भी तहसील में लंबित चल रहे हैं।