फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया

विज्ञापन
मांगों को लेकर दीवानी न्यायालय परिसर में धरना देते अधिवक्ता। - फोटो : KHALILABAD
विज्ञापन
दूसरे दिन भी जारी रहा अधिवक्ताओं का आंदोलन
विज्ञापन

संतकबीरनगर। दीवानी न्यायालय परिसर में मूलभूत सुविधाओं की कमी की पूर्ति नहीं होने से नाराज अधिवक्ताओं का आंदोलन दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। अधिवक्ताओं को समझाने के लिए अपर जिला जज भी गए,लेकिन अधिवक्ता अपनी मांगों पर अड़े रहे। अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल जिला जज से मिला और अपनी मांगे रखी,लेकिन कोई सार्थक हल नहीं निकला। अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश को संबोधित 16 सूत्री समस्या से संबंधित मांग पत्र जिला जज को सौंपा।
सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महीप बहादुर पाल और जनपद बार एसोसिएशनन के अध्यक्ष कृष्ण मोहन मिश्र की अगुआई में बृहस्पतिवार को दूूसरे दिन भी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। न्यायालय भवन के मुख्य प्रवेशद्घार पर ही अधिवक्ता धरने पर बैठे रहे। अधिवक्ताओं ने कहा कि न्यायालय परिसर से अस्थाई चाय और फोटो कॉपी की दुकानों को हटवा दिया गया है। कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। कैंटीन भी नहीं है। अधिवक्ता के बैठने के स्थान पर बिजली की व्यवस्था नहीं है। वादकारियों के बैठने की जगह पर पीएसी के जवान निवास करते है। पीने के पानी तक का समुचित इंतजाम नहीं है। अधिवक्ताओं की हड़ताल की वजह से मुकदमों की सुनवाई नहीं हो पाई, सिर्फ तारीखे पड़ी। फरियादियों को निराश होकर घर लौटना पडा। देर शाम अधिवक्ता डीएम के आवास पर पहुंचे। बाद में डीएम से मिलकर समस्या से अवगत कराए। वैसे शाम को डीएम और एसपी ने न्यायालय परिसर में पहुंच कर अधिवक्ताओं के बैठने के स्थान का निरीक्षण किया और वहां की स्थिति देखी।
विज्ञापन
विज्ञापन

समर्थन में उतरे धनघटा के अधिवक्ता
धनघटा। साथी अधिवक्ताओं के समर्थन में बृहस्पतिवार को तहसील बार एसोसिएशन धनघटा के अधिवक्ता कार्य का बहिष्कार करके सरकार विरोधी नारे लगाए।
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लालसरन सिंह ने कहा कि जनपद मुख्यालय पर स्थित न्यायालय परिसर से चाय व फोटो काफी की दुकानों को हटवा दिए जाने से साथी अधिवक्ताओं को परेशानी हो रही है। वादकारियों व अधिवक्ताओं को कोई सुविधा प्रदान करने की दिशा में पहल नहीं हो रही है। साथी अधिवक्ताओं के समर्थन में तहेील के अधिवक्ता भी कामकाज नहीं किए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें