तहसील में अधिवक्ता तब भड़क उठे जब उपजिलाधिकारी ने अधिवक्ताओं की हड़ताल के बाद भी कोर्ट लगाकर वादकारियों के नाम की पुकार कराने लगे। बार के अध्यक्ष व पूर्व अध्यक्ष के नेतृत्व में वकीलों ने एसडीएम के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वकीलों के तेवर को देखकर उपजिलाधिकारी कोर्ट स्थगित करते हुए अपने चेंबर में चले गए। जहां तहसील बार एसोसिएसन के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी का घेराव करते हुए वकीलों ने हड़ताल में कोर्ट चलाने पर आपत्ति दर्ज कराई। घंटों वार्ता के बाद हड़ताल के दौरान हाईकोर्ट से संबंधित मुकदमे देखने की सहमति के बाद मामला शांत हुआ।
मेंहदावल तहसील बार एसोसिएशन लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर है। करीब एक माह से चल रहे हड़ताल के कारण कोर्ट बाधित है। कुछ मामलों में हाईकोर्ट का दिशा निर्देश होने के कारण उपजिलाधिकारी ने शुक्रवार को न्यायालय में सुनवाई के लिए नाम का पुकार अर्दली से कराना शुरू कर दिया। इसकी सूचना पर वकील भड़क गए और उपजिलाधिकारी कक्ष के समीप नारेबाजी करते हुए हड़ताल के दौरान कोर्ट चलने पर आपत्ति दर्ज कराई। वकीलों के विरोध को देखकर एसडीएम अपने कार्यालय में आकर बैठ गए।
इस पर तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष परशुराम मिश्र, पूर्व अध्यक्ष गोपाल राय सहित तमाम वकील चैंबर में ही उपजिलाधिकारी का घेराव करते हुए आपत्ति दर्ज कराने लगे। वकीलों के तीखे तेवर को देखकर उपजिलाधिकारी ने हाईकोर्ट से संबंधित मामले पर कोर्ट चलने की बात कहकर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को समझाने लगे। घंटों की वार्ता के बाद बार एसोसिएशन इस बात पर सहमत हुआ कि हाईकोर्ट से संबंधित मामले ही उपजिलाधिकारी देख सकते हैं। शेष मामलों में कोर्ट तब तक नहीं चलेगी जब तक अधिवक्ता हड़ताल वापस न लें।
इस दौरान वकीलों की शिकायत पर उपजिलाधिकारी ने दो कर्मचारियों को एक सप्ताह में अपने कार्य व्यवहार सुधारने की हिदायत भी दी। विरोध प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता दिलीप, शशिभवन त्रिपाठी, राजकुमार मिश्र, दिवाकर भारती, अरविंद चौधरी, रामप्रसाद मणि, विरेंद्र मणि, बीडी राय, गोपाल गुप्ता, अरविंद सिंह आदि रहे।