संतकबीरनगर। इंवेस्टर समिट में उद्योगों को बढ़ावा दिए जाने को लेकर तमाम तरह के दावे और वादे किए गए, लेकिन धरातल पर अभी तक कुछ नहीं दिखा। अलबत्ता फर्टिलाइलर की फैक्ट्री और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल खोलने की उम्मीद टूट गई। यह प्रस्ताव निरस्त कर दिए गए। इससे सुविधाएं और रोजगार पाने की आस लगाए लोगों को भी तगड़ा झटका लगा है।
जिले में 23 जनवरी को इंवेस्टर्स समिट हुई थी, जिसमें निवेश का बड़ा खाका तैयार हुआ था। 64 उद्यमियों ने करीब 6,000 करोड़ रुपये के निवेश का अनुबंध किया था, लेकिन धरातल पर नए उद्योग उतर नहीं पाए है। गाजियाबाद के अनुपम शुक्ला ने 2050 करोड़ की लागत से फर्टिलाइजर की फैक्ट्री खोलने का अनुबंध किया था। इसमें 9080 लोगों को रोजगार मिलता, जबकि नोएडा के कैपरी जलोटा ने 1000 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल खोलने का अनुबंध किया था। इसमें 5,000 लोगों को रोजगार मिलता।
यह दोनों अनुबंध निरस्त कर दिया गया है। इसकी वजह यह बताई गई कि निवेशकों ने भूलवश संतकबीरनगर जिले को चयनित कर लिया गया था। इसके अलावा अन्य निवेशकों को न तो जमीन उपलब्ध हो पाई और बैंकों से जुड़ी समस्याएं ही सुलझ पाई। उद्योग विभाग की ही मानें तो नए उद्योगों को स्थापित करने के लिए 42 एकड़ जमीन की जरूरत है, लेकिन यूपीसीडा जमीन की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है, जबकि अधिकांश भूखंड खाली पड़े हैं। कुछ भूखंडों में फैक्टरियां चल कर बंद हो गईं और भवन खंडहर के रूप में है, लेकिन यूपीसीडी इस पर कार्रवाई नहीं कर रही है, जबकि बंद कताई मिल मगहर का सर्वे करके रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। यदि सूती मिल की जमीन मिल गई तो समस्या दूर हो जाएगी।
जिले में फर्टिलाइजर की फैक्ट्री खुलने की जानकारी मिली तो खुशी हुई कि अब यहां किसानों को उर्वरक मिलेगी। इसके साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा, लेकिन इसका प्रस्ताव निरस्त हो जाने से यहां के लोगों को तगड़ा झटका लगा है।
-केशरी लाल
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इंवेस्टर समिट में 64 उद्यमियों ने उद्योग लगाने के लिए का अनुबंध किया तो उसमें ऐसा लगा कि जिले के लोगो को रोजगार के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पडेगी। उसी में फर्टिलाइजर फैक्ट्री भी शामिल थी।अब इसका प्रस्ताव निरस्त हो गया तो उम्मीद टूट गई।
- वसीम अकरम
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जिले में 1000 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल खुलता तो यहां के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती। यहां के लोगों को बस्ती,गोरखपुर और लखनऊ नहीं जाना पड़ता, लेकिन इसका अनुबंध निरस्त हो जाने से उम्मीद पर पानी फिर गया।
-दिलीप कुमार
जिले में फर्टिलाइजर की फैक्ट्री और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बड़ी सौगात थी, लेकिन यह दोनों प्रस्ताव निरस्त हो जाने से यहां के लोगों को तगड़ा झटका लगा है। यह इकाइयां यदि स्थापित होतीं तो लोगों को रोजगार मिलने के साथ ही बेहतर सुविधाएं मिलती।
-अब्दुल्ला
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सरकार की मंशा साफ है नए उद्योग स्थापित किए जाएं, लेकिन यूपीसीडा समेत अन्य विभागों में समन्वय की कमी होने के कारण आने वाले समस्याओं का निराकरण ठीक से नहीं हो पा रहा है। प्लेज योजना के तहत औद्योगिक पार्क के निर्माण की जो पॉलिसी सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम के तहत जारी की गई है। उसमें एक बड़ी समस्या जमीन की रजिस्ट्री की है। जब तक जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो जाएगी, तब तक उस योजना में सम्मिलित नहीं हो सकता है। ऐसे में कम से दस एकड़ जमीन खरीदने की जो धनराशि है। इस पर कोई सुविधा नहीं दी गई है। एसोसिएशन की तरफ से इस आशय का निवेदन अपर मुख्य सचिव से किया गया है।
-अरविंद पाठक, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
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उद्यम लगाने के लिए जमीन की व्यवस्था कराए जाने की दिशा में पहल की जा रही है। बंद कताई मिल मगहर में करीब 37 एकड़ जमीन है। उसका सर्वे करके रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। जैसे ही शासन की अनुमति मिलेगी,वैसे ही जमीन की समस्या दूर हो जाएगी।
- सुभाषचंद्र पांडेय, क्षेत्रीय प्रबंधक, यूपीसीडा
फर्टिलाइजर फैक्ट्री और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल खोलने का प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया है। खुद निवेशकों ने यह बताया है कि गलती से संतकबीरनगर जिले का चयन हो गया था। वैसे यह दो प्रस्ताव निरस्त हुए है तो पांच नए प्रस्ताव जुड़े भी हैं। करीब 4000 करोड़ का निवेश होना प्रस्तावित है। सितंबर में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमिनी लखनऊ में प्रस्तावित है। जिले में 16 नई इकाइयां सितंबर तक धरातल पर उतारने की पूरी तैयारी है। उद्यमियों की जो भी समस्याएं है, उसे दूर कराए जाने की दिशा में प्रयास जारी है।
- राज कुमार शर्मा, उपायुक्त, उद्योग