- धूप में काम करने वाले अधिक हो रहे हैं प्रभावित
- मरीजों को बीआरडी मेडिकल काॅलेज किया जाता है रेफर
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से शरीर में पानी की कमी हो रही है। जिसके कारण 50 वर्ष से अधिक उम्र वाले रक्तचाप, बेहोशी और स्केमिक स्ट्रोक (खून गाढ़ा होने की वहज से पक्षाघात) के शिकार होकर जिला अस्पताल में पहुंच रहे हैं। स्केमिक स्ट्रोक के सामान्य लक्षण वाले मरीजों का जिला अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जाता है। जबकि न्यूरो के चिकित्सक न होने के कारण गंभीर मरीजों को बीआरडी मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया जाता है।
वरिष्ठ परामर्श चिकित्सक डाॅक्टर रमाशंकर सिंह के मुताबिक शरीर में पानी की कमी से सोडियम और पोटेशियम, कोलेस्ट्राल का स्तर अनियंत्रित हो जाता है। जिसके कारण रक्तचाप बढ़ना, बेहोशी और स्केमिक स्ट्रोक भी हो सकता है। इन दिनों रक्तचाप के मरीजों की संख्या बढ़ी है। साथ ही एक से दो की संख्या में स्केमिक स्ट्रोक के मरीज भी आ रहे हैं। स्केमिक स्ट्रोक के हल्के लक्षण वाले मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जाता जबकि न्यूरो के चिकित्सक न होने के कारण गंभीर मरीजों को बीआरडी मेडिकल काॅलेज रेफर किया जाता है। अधिकतर रक्तचाप और मधुमेह के मरीज स्केमिक स्ट्रोक के शिकार हो रहे हैं।
स्केमिक स्ट्रोक के लक्षण
सिर में तेज दर्द व चक्कर आना।
बोली में लड़खड़ाहट।
शरीर के एक तरफ के हिस्से में कमजोरी।
एक तरफ के हाथ पैर काम न करना।
बचाव के उपाय
धूप और गर्मी से बचें।
मधुमेह और रक्तचाप नियंत्रित रखें।
पानी और तरल पदार्थ लेते रहें।
आहार में फर और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें।
कोलेस्ट्रॉल पर नजर बनाए रखें।
तेज गर्मी धूप शरीर में पानी की कमी होने से रक्तचाप, बेहोशी और स्केमिक स्ट्रोक के लोग शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल में रोज एक से दो मरीज स्टेमिक स्ट्रोक के आ रहे हैं। इनमें अधिकतर मधुमेह और शुगर वाले 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग शामिल हैं। लकवा के गंभीर मरीजों को बीआडी मेडिकल काॅलेज रेफर किया जाता है।
- डॉ रमाशंकर सिंह, वरिष्ठ परामर्श चिकित्सक