जिला अस्पताल के पैथलॉजी विभाग सीएमओ कार्यालय को नहीं भेज रहा था रिपोर्ट
शासन की सख्ती के बाद रिपोर्ट भेजा गया, सीएमओ कार्यालय में रजिस्टर हुआ अपडेट
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल का पैथलॉजी विभाग डेंगू की रिपोर्ट छिपाने में जुटा था। उधर, जब शासन ने सख्ती की तो पैथलॉजी विभाग ने सीएमओ कार्यालय को 10 माह की रिपोर्ट भेजी। जिसमें डेंगू के कुल 33 मरीज मिलने की पुष्टि हुई है। इसमें जुलाई से अब तक कुल 27 मरीज मिले हैं। सीएमओ कार्यालय ने इस पर नाराजगी जताते हुए विभाग को फटकार लगाई और लापरवाही पर शासन को अवगत कराया है।
जिले में डेंगू के मरीज के मिलने शुरू हो गए हैं। अब तक चार दिनों में आठ मरीज मिल चुके हैं। इसकी प्रतिदिन माॅनीटरिंग शासन स्तर से की जा रही है। इसकी प्रतिदिन रिपोर्ट शासन को भेजी जाती है, लेकिन पैथलाॅजी विभाग सीएमओ कार्यालय को डेंगू की रिपोर्ट नहीं भेज रहा था। इधर, शासन स्तर से डेंगू की एक माह की रिपोर्ट मांगी गई तो सीएमओ कार्यालय ने जिला अस्पताल के पैथलॉजी विभाग से रिपोर्ट मांगी। दो दिन बाद पैथलॉजी विभाग ने रिपोर्ट भेजी। जिसमें जनवरी 2023 से सात अक्तूबर तक की रिपोर्ट थी। इस रिपोर्ट में कुल 33 मरीज मिलने की बात बताई गई है। इसके साथ ही जुलाई से अब तक कुल 27 मरीज डेंगू के मिले हैं। रिपोर्ट के बाद सीएमओ कार्यालय सकते में है। इसके साथ ही प्रतिदिन रिपोर्ट न भेजने पर पैथालॉजी विभाग पर नाराजगी जताई है। इसके साथ ही सीएमओ कार्यालय के माॅनीटरिंग सेल में रजिस्टर को अपडेट कर दिया है। जिस पर कर्मचारियों की डयूटी लगा दी गई है कि जिला अस्पताल से प्रतिदिन डेंगू, मलेरिया, जेई, एईएस आदि की रिपोर्ट मांगी जाए और उसे रजिस्टर पर दर्ज किया जाए।
जिला अस्पताल के पैथलॉजी विभाग को प्रतिदिन डेंगू, मलेरिया, जेई, एईएस के मरीजों की रिपोर्ट भेजनी होती है, पर लैब के कर्मी रिपोर्ट नहीं भेजते हैं, जब सख्ती दिखाई गई है तो रिपोर्ट भेज रहे हैं। कुल 33 मरीज 10 माह में मिलने की बात रिपोर्ट में है। इसके लिए कार्यालय में रजिस्टर बना दिया गया है, जिस पर प्रतिदिन मरीजों का डाटा दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही मामले से शासन को अवगत करा दिया गया है।
डॉ. वीपी पांडेय, अपर सीएमओ
अभी दो दिन पूर्व कार्यभार ग्रहण किया है, मामले की जानकारी लेंगे, पैथलॉजी के कर्मियों से पूछताछ की जाएगी, रिपोर्ट प्रतिदिन सीएमओ कार्यालय को भेजी जाएगी। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डॉ. भवनाथ पांडेय, सीएमएस, जिला अस्पताल