पडरौना। कार्रवाई के बाद भी जिले में यूरिया की किल्लत दूर होने का नाम नहीं ले रही है। किसान खाद के लिए मारे-मारे फिर रहे है। सबसे अधिक परेशानी में बड़े किसान हैं। यूरिया की पूर्ति न होने से उनकी परेशानी बढ़ गई है। लेकिन विभाग के अधिकारी इसको लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
मथौली कस्बे में एक दुकान पर पहुंचे कृषि मंत्री ने मुनाफाखोरी किसानों से बात करने के बाद पकड़े, इस दुकान का लाइसेंस निरस्त करने का निर्देश दिया भी दिया, लेकिन जिला कृषि अधिकारी की ओर से अभी तक सिर्फ नोटिस दिया गया है, कोई ठोस कार्रवाई मुनाफाखोरी करने वाले दुकानदार के खिलाफ नहीं हो सकी है।
किसानों को जब खाद की जरूरत पड़ी तो किल्लत हो गई। दुकानदार अधिक रेट पर खाद बेचने लगे और समितियों पर खाद पहुंची ही नहीं। जिम्मेदार खुद के बचाव के लिए मुनाफाखोरों के खिलाफ कार्रवाई के बजाए सिर्फ नोटिस जारी कर अफसरों को कार्रवाई को गुमराह कर रहे हैं। अभी भी जिले में खाद की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता नहीं है।
30 से अधिक समितियों पर आज भी ताला लटक रहा है। जिम्मेदारों की माने तो दो बोरी से अधिक खाद वितरण करने, स्टाॅक मेनटेन न रखने वाले, ओवर रेटिंग सहित अन्य शिकायतों पर जिला कृषि अधिकारी ने 90 दुकानों को नोटिस जारी किया था।
यही नहीं जिले में प्रदेश के कृषि मंत्री को भी भ्रमण के समय ओवर रेटिंग की शिकायत मिली तो विभाग की ओर से बंका खाद एजेंसी मथौली बाजार को कारण बताओ नोटिस दिया गया था।
किसानों ने कहा कि विभाग की ओर से खाद के वितरण के नाम पर खेल किया जा रहा है। दो बोरी में छोटे किसानों का तो काम चल जा रहा है, लेकिन बड़े किसान को अगर 10 बोरी यूरिया की जरूरत है तो उसे दो बोरी यूरिया दिया जा रहा है। ऐसे में उस किसान को पांच बार में दस बोरी खाद मिलेगी।
दोपहर में ही समिति पर समाप्त हो गई खाद ः तमकुहीराज/गंगुआ बाजार। उपज बढ़ाने व फसल को हरा भरा रखने के लिए किसान अपने खेत में यूरिया डालते है, लेकिन सरकारी दावों के इतर मंगलवार तहसील क्षेत्र के धुरिया कोट व बिहार बुजुर्ग स्थित सहकारी समितियां यूरिया की किल्लत के चलते बंद रही। वहीं, तमकुहीराज स्थित सहकारी समिति सचिव के पास समयाभाव के कारण बंद रही।