गर्मी के दिनों में पानी के बिना सूखी पड़ी कठिनइया नदी में अब गर्मी में भी पानी भरा मिलेगा। जिला प्रशासन द्वारा जल संचयन करने के लिए क्षेत्र के हर ग्राम सभा 100 लंबाई और नदी की चौड़ाई का तालाब की शक्ल में खोदाई कराएगा। डीएम के आदेश पर सीडीओ ने बीडीओ सेमरियावां समेत अन्य ब्लॉक के बीडीओ को पत्र जारी कर मनरेगा के तहत तालाब निर्माण कराने का कार्य शुरू कराने को कहा है। तालाब निर्माण कार्य ग्राम पंचायत को करना है। सेमरियावां ब्लॉक के अंतर्गत गर्मी में सूखी पड़ी कठिनइया नदी में जल संचयन के लिए तालाब निर्माण किया जाना है। तालाब निर्माण कार्य से सूखी नदी में जल संचयन होगा तो वही मनरेगा जॉबकार्ड धारकों को रोजागार भी मिल सकेगा।
सेमरियावां ब्लॉक के बाघनगर से चमरसन तक 20 गांव के लगभग 40 किलोमीटर दूरी में कठिनइयां नदी पड़ रही है। सेमरियावां ब्लॉक के बाघनगर गांव के पास कठिनइया नदी में मनरेगा के तहत तालाब निर्माण कार्य शुरू हो गया है। अवकाश के बावजूद बीडीओ प्रवीण शुक्ल और एपीओ सूर्य प्रकाश चौधरी ने बाघनगर में निर्माण कार्य का परीक्षण किया। एपीओ बताया कि डीएम के आदेश पर कठिनइया नदी में जल संचयन के लिए तालाब का निर्माण किया जा रहा है। कठिनइया नदी में ग्राम पंचायतों को मनरेगा के तहत तालाब निर्माण कार्य किया जाना है। ब्लॉक के बाघनगर, निपिनया, पुरवां, वासिन, सालेहपुर, चमरसन समेत 20 ग्राम पंचायत के कठिनइयां नदी में तालाब का निर्माण कार्य होना है। नदी में निर्माण के लिए तालाब की लंबाई 100 मीटर, चौड़ाई नदी स्थल के मुताबिक, गहराई एक से डेढ़ मीटर खुदाई की जानी है। 20 गांव में से 18 गांव में तालाब निर्माण कार्य शुरू हो गया है। शेष दो गांव में 23 मई से तालाब की खुदाई शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि नदी में तालाब का निर्माण हो जाने से जल संचयन रहेगा। गर्मी में नदी में पानी भरा रहेगा। जिससे पशु पक्षियों को राहत मिलेगी।
कठिनइया नदी में जल संचयन के लिए तालाब का निर्माण डीएम के निर्देश पर कराया जा रहा है। जल संचयन से पशु पक्षियों को राहत होगी।
साथ ही नदी में हमेशा पानी रहेगा।
प्रवीण चंद शुक्ल, बीडीओ, सेमरियावां