करमैनी-बेलौली तटबंध का सांसद शरद त्रिपाठी ने निरीक्षण किया।
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मेंहदावल तहसील क्षेत्र के करमैनी-बेलौली तटबंध का सांसद शरद त्रिपाठी ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिशाषी अभियंता सहित ड्रेनेज खंड द्वितीय के सहायक अभियंता व जूनियर इंजीनियर मौजूद रहे है। सांसद ने स्वयं द्वारा बेलौली कटान स्थल पर तीन करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का धन अवमुक्त होने के बाद कराए गए कार्य की भी जानकारी ली।
तिवारीपुर कटान स्थल का निरीक्षण करते हुए विभागीय अधिकारियों को तटबंध की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय के निर्देश दिए। साथ ही प्रोजेक्ट बनाकर केंद्र सरकार को भेजने व उसकी एक प्रति स्वयं को उपलब्ध कराने को कहा। ग्रामीणों की शिकायत पर तटबंध पर नौगों से डुमरियां तक बन रहे पिच निर्माण में अनियमितता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग को जांच कराने का निर्देश दिया।
करमैनी - बेलौली तटबंध पर राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से ऊ पर होने की सूचना पर सांसद शरद त्रिपाठी ने तटबंध के कटान स्थलों का निरीक्षण किया। सांसद शरद त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बरसात से पूर्व नाबार्ड के माध्यम से तटबंधों की सुरक्षा व बाढ़ से बचाव के लिए धन भेजा गया था, पर प्रदेश सरकार तटबंधों की सुरक्षा के प्रति गंभीर नही है। घाघरा का कटान जारी ः हैंसर। रविवार को भी घाघरा के जलस्तर खतरे के निशान के पार है। वहीं कटान न थमने से किसान परेशान हैं। माझा खडकपुर, दौलतपुर, रामपुर दक्षिणी, चपरापूर्वी, जगदीशपुर के किसानो का कहना है कि नदी की कटान से उपजाऊ मिट्टी पानी में मिल जा रही है।
जिससे दियारा के कई किसान भूमिहीन हो चुके है। खडकपुर गांव के विन्ध्याचल, राजाराम, दिनेश, प्रमोद, रामचेत आदि का कहना है कि लग रहा है अब केवल मकान बचेगा। बाकी खेती बारी से हाथ धो देना पडे़गा। गांव वालों का कहना है कि शवदाह केंद्र को भी बचाने के लिए प्रशासन कोई कदम नही उठा रहा है।
लगातार बढ़ रहा नदियों का जलस्तर ः घाघरा की डेंजर लाइन 92.730 मीटर है। रविवार सुबह आठ बजे नदी का बहाव 92.985 मीटर और शाम चार बजे 93.010 मीटर था। वहीं राप्ती की डेंजर लाइन 79.50 मीटर है। यहां सुबह आठ बजे बहाव 79.60 और शाम चार बजे 79.55 मीटर था। जबकि कुआनो की डेंजर लाइन 78.65 मीटर है। यहां सुबह नदी का जलस्तर सुबह आठ बजे 75.020 और शाम चार बजे 75.950 मीटर था।